पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने 15 साल से सरकार चला रही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से उखाड़ फेंका. प्रदेश में भाजपा की ऐसी सुनामी चली कि टीएमसी के बड़े-बड़े दिग्गज चुनाव हार गये. लंबे समय बाद अकेले 294 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस पार्टी के वोट शेयर में 2021 की तुलना में 0.19 प्रतिशत का इजाफा देखा गया. 5 साल पहले पार्टी को 3.03 प्रतिशत वोट मिले थे, जब उसने वाममोर्चा के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था.
भाजपा को मिले 45.43 प्रतिशत वोट
294 सीटों पर लड़ने वाली कांग्रेस को मिले 3.20 फीसदी वोट
कांग्रेस को वर्ष 2021 में 3.03 प्रतिशत वोट मिले थे. इस बार उसका वोट बढ़कर 3.20 फीसदी हो गया. भाजपा को 37.97 प्रतिशत और टीएमसी को 2021 में 48.02 फीसदी मत मिले थे. इस तरह भाजपा ने बड़ी छलांग लगायी है और तृणमूल कांग्रेस के वोट प्रतिशत में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. …
विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा ने टीएमसी के वोट बैंक में 4.57 प्रतिशत की जो अतिरिक्त सेंधमारी की, वही ‘गेम चेंजर’ साबित हुई. भ्रष्टाचार और सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) के कारण टीएमसी के कोर वोटर्स ने किनारा कर लिया, जिसका सीधा फायदा भाजपा को हुआ और बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के नारे के साथ भगवा राज की शुरुआत हो गयी.

