रांचीः नगर निकाय चुनाव की तैयारी को लेकर 08 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग आला अधिकारियों के साथ समीक्षा करने जा रहा है. वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए होनेवाली इस समीक्षा बैठक में राज्य के सभी जिलों के डीसी-एसपी के अलावे नगर विकास सचिव, डीजीपी, गृहसचिव आदि अधिकारी मौजूद रहेंगे. समीक्षा बैठक के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा निकाय चुनाव की तैयारी, सुरक्षा बलों की तैनाती सहित कई बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी.
इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि चुनाव घोषणा से पूर्व कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जाती है. जिसके तहत 08 जनवरी को पहली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक होगी. जिसमें राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी के साथ आला अधिकारी मौजूद रहेंगे.शहरी नगर निकाय क्षेत्र जहां होने हैं चुनाव
नगर निगम-रांची, हजारीबाग, मेदनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मानगो.
नगर परिषद-गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम.
नगर पंचायत-बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया.
इसी महीने नगर निकाय चुनाव की होगी घोषणा
राज्य में नगर निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है और इसी महीने यानी जनवरी के तीसरे सप्ताह में इसकी घोषणा होने की संभावना है. जिला स्तर पर की गई तैयारी की समीक्षा के उपरांत राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव को लेकर निर्णय लेगा.
गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने झारखंड हाईकोर्ट को पिछले दिनों हुई सुनवाई के दौरान शपथपत्र के जरिए बताया है कि विस्तृत तैयारी के लिए 8 सप्ताह की जरूरत पड़ेगी. साथ ही चुनावी प्रक्रिया पूर्ण करने में अतिरिक्त 45 दिन लगेंगे. इस बाबत सीलबंद शपथ पत्र 22 नवंबर को आयोग द्वारा दाखिल किया गया था. इस मामले में अगली सुनवाई चूंकि 30 मार्च को निर्धारित है ऐसे में आयोग इससे पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में हैनगर निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों ने झोंकी ताकत, बीजेपी ने की ईवीएम से चुनाव कराने की मांगरांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा है, लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव में अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभाने की तैयारी शुरू कर दी है. दलीय आधार पर चुनाव कराने की तैयारी में जुटे विपक्ष ने सरकार को निकायों में स्वशासन के साथ विकास के लिए इसे आवश्यक माना है. सरकार पर दलीय आधार पर चुनाव कराने, बैलेट पेपर के बजाय ईवीएम से चुनाव कराने और जल्द इसकी घोषणा करने की मांग को लेकर भाजपा ने सड़क पर उतरने का फैसला किया है.

निकाय चुनाव दलीय आधार पर हो: बीजेपी

राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार को दलीय आधार पर चुनाव कराना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके लिए भाजपा कार्यकर्ता आंदोलन की रूपरेखा बना रहे हैं. इधर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा की मांग को ठुकराते हुए कहा है कि पार्टी हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है. जिला स्तर पर इसकी तैयारी पूरी की जा रही है. जल्द ही इस चुनाव की घोषणा किए जाने की संभावना है.शहरी निकाय क्षेत्र में है बीजेपी की पकड़
शहरी निकाय क्षेत्र में बीजेपी का मजबूत पकड़ माना जाता है. पिछले चुनाव में बीजेपी समर्थक राज्य के प्रमुख शहर रांची, बोकारो, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, चाईबासा जैसे नगर निकाय क्षेत्र के प्रमुख पदों पर जगह बनाने में सफल रहे थे. जाहिर तौर पर इन नगर निकायों में एक बार फिर मेयर, नगर परिषद अध्यक्ष जैसे पदों पर जीतना बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है. वहीं सत्तारूढ़ जेएमएम, कांग्रेस और राजद पिछले विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी अधिक से अधिक कार्यकर्ता और नेताओं के अप्रत्यक्ष रुप से चुनाव जीतने की उम्मीद रखे हुए हैं.

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