राँची: राज्य के गैर-राज्य प्रशासनिक सेवा से इस बार महज एक ही अधिकारी का चयन आइएएस अफसर के रूप में होगा, क्योंकि साल 2025 के लिए सिर्फ एक ही पद रिक्त है. हालांकि, इस एक प्रतिष्ठित पद की रेस में पांच योग्य अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाना है.

क्या है गैर-सेवा से आइएएस में प्रोन्नति की प्रक्रिया
गैर-राज्य प्रशासनिक सेवा (जैसे- सहकारिता, शिक्षा, कृषि, चिकित्सा या अन्य तकनीकी सेवाएं) के राजपत्रित अधिकारियों को आइएएस कैडर में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार (डीओपीटी) और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के कड़े नियमों से गुजरना पड़ता है.


पात्रता और वरिष्ठता : संबंधित अधिकारी राज्य सरकार के अधीन न्यूनतम 8 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर चुका हो और उसका पद डिप्टी कलेक्टर के समकक्ष होना चाहिए.

शॉर्टलिस्टिंग (1ः5 का अनुपात) : राज्य सरकार प्राप्त आवेदनों में से उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड, एसीआर (गोपनीय चरित्र प्रविष्टि) और बेदाग सेवा वाले अधिकारियों की एक सूची तैयार करती है. एक रिक्ति के विरुद्ध अधिकतम 5 सर्वश्रेष्ठ नामों को यूपीएससी भेजा जाता है.

यूपीएससी इंटरव्यू और चयन : इसके बाद दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के चेयरमैन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय चयन समिति का गठन होता है. जिसमें राज्य के मुख्य सचिव और कार्मिक सचिव भी शामिल होते हैं. यह समिति अधिकारियों के इंटरव्यू, उनके प्रशासनिक अनुभव और सेवा रिकॉर्ड का गहन मूल्यांकन कर अंतिम रूप से आइएएस पद के लिए मुहर लगाती है.

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