डेनमार्क। यूरोपीय देश डेनमार्क स्कूलों और यूनिवर्सिटी में बुर्का और नकाब जैसे चेहरा ढकने वाले इस्लामी पहनावे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। डेनमार्क सरकार ने इसके लिए विधेयक लाने की घोषणा की है, जिसे अगले साल फरवरी में संसद में पेश किया जाएगा।

स्कूलों और यूनिवर्सिटी में बुर्का-नकाब पर बैन की तैयारी

यदि यह प्रस्ताव पारित होता है तो देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में बुर्का, नकाब और इसी तरह के चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर रोक लग जाएगी। प्रवासन और एकीकरण मंत्री रासमस स्टोकलुंड ने कहा कि डेनमार्क की कक्षाओं में ऐसे परिधानों की कोई जगह नहीं है जो चेहरा ढकते हों। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर पहले से ही इस तरह के पहनावे पर प्रतिबंध है, इसलिए इसे शैक्षणिक संस्थानों तक बढ़ाना स्वाभाविक कदम है।

प्रार्थना कक्षों को हटाने पर भी विचार

गौरतलब है कि अगस्त 2018 में डेनमार्क ने सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब पर बैन लगाया था, जिसके उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान है। नए प्रस्ताव को लेकर मानवाधिकार संगठनों और इस्लामिक समूहों ने कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और महिलाओं की व्यक्तिगत पसंद का उल्लंघन है।

पढ़ना है तो चेहरा दिखाना होगा!

वहीं, सरकार और समर्थकों का तर्क है कि यह कदम सामाजिक समावेश को बढ़ावा देगा और खासकर प्रवासी पृष्ठभूमि की महिलाओं को सम्मान-आधारित सामाजिक दबाव से मुक्त करने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध और प्रार्थना कक्षों को हटाने पर भी विचार किया जा सकता है।

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