
मारवाडी महाविद्यालय प्रांगण में कॉलेज के संस्थापक स्व गंगा प्रसाद बुधिया जी की 122 वी जयंती मनाई गई। सर्वप्रथम उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए मारवाडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोज कुमार जी ने कहा की आज के समय में गंगा बाबू के जीवन से सादा जीवन उच्च विचार से कार्य करने की प्रेरणा ले कर शिक्षा के लिए काम करने के लिए ही हमलोग उनकी जयंती मना रहे है, यहां से पढ़े छात्र छात्राएँ बड़े बड़े पदों पर आसीन है जो हमलोगों के लिए गौरव की बात है, पूर्व प्राचार्य जावेद अहमद जी ने कहा कि में इस कॉलेज में 18 से 20 हजार छात्र- छात्रा पढ़ रहे है, यहां से पढ़े लोग पूरे विश्व में कॉलेज का नाम रोशन कर रहे हैं यह गंगा बाबू के प्रयास से सफल हुआ है,उनकी कार्यशैली का अनुकरण ही आज के कार्यक्रम की सफलता होगी, पूर्व प्राचार्य रणजीत सिंह की ने कहा कि जब मैं पी जी में पढ़ता था उस समय गंगा बाबू साधारण कपड़ों में मजदूरों के साथ निर्माण करवाते थे, जिसका इतना बड़ा स्वरूप हो गया,उनकी कार्यशैली अनुकरणीय है,मारवाडी शिक्षा ट्रस्ट के वेद बगला,अरुण बुधिया,चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा,अपने उद्गार व्यक्त किए, कॉलेज के अनुभव चक्रवर्ती जी ने संचालन किया,महाविद्यालय के शिक्षकों, छात्र छात्राओं, एन सी सी के छात्रों ने, समाज के लोगों ने मालार्पण कर गंगा बाबू के सत कार्यों की चर्चा की एवम उन्हें जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मारवाड़ी सहायक समिति अध्यक्ष पवन शर्मा,चैंबर सचिव रोहित अग्रवाल,पवन मंत्री, बासुदेव भाला,महाबीर माहेश्वरी,रजनी बुधिया, माधुरी बुधिया, विश्वजीत बोस, हरबिंदर सलूजा,दिलीप सलूजा,सुरेश जैन, सतनाम कौर, संजय बुधिया,सत्येंद्र बुधिया,तुषित बुधिया,कृपाल सिंह,प्रमोद माली, डॉ आफताब जमील सहित भारी संख्या में समाज के लोग एवम छात्र छात्रा उपस्थित थे सब ने अपने अपने उद्गार व्यक्त कर सृजन शील गंगा प्रसाद बुधिया जी के वृहद सामाजिक जीवन पर प्रकाश डाला,मनोज रूईया एवं आयुष बुधिया ने कार्यक्रम की व्यवस्था बनाने में भरपूर मेहनत की
इस अवसर पर एनएसएस के स्वयंसेवक भी भारी संख्या में मौजूद थे, वे भी अपने से ज्यादा समाज के लिए सोच कर काम करने वाले गंगा बाबू के जीवन से प्रेरणा मिली , उन्होंने उनके आदर्श को जीवन में अपने एवम प्रचारित करने कि शपथ ली।

