रांची।
विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद के स्नातकोत्तर (जंतु विज्ञान) के छात्रों का 15 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ।
इस दौरान छात्रों ने झारखंड में मत्स्य पालन की आधुनिकतम तकनीकों का जायजा लिया।
टीम में शामिल 35 छात्रों के दल ने मत्स्य निदेशालय के उप निदेशक संजय कुमार गुप्ता व सेवानिवृत्त संयुक्त मत्स्य निदेशक मनोज कुमार के निर्देशन में मत्स्य पालन की गतिविधियों की जानकारियां प्राप्त की।
इस क्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों ने पतरातु डेम का भी अवलोकन किया। वहां केज कल्चर, रामगढ़ में खदानों में जमे पानी में मत्स्य पालन, एक्वाकल्चर सिस्टम, रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम, बायोफ्लॉक,
आदि विधियों से मत्स्य पालन की जानकारी हासिल की। शैक्षणिक भ्रमण के पश्चात मत्स्य निदेशालय के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक मनोज कुमार व उप निदेशक संजय कुमार गुप्ता ने सभी छात्रों को प्रमाण पत्र वितरण किया।
विश्वविद्यालय के छात्र दयाशंकर, मधुश्री मंडल, मन्नू कुमारी, फैज अहमद, विश्वजीत सिसोदिया, अनामिका कुमारी सहित अन्य ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड में मत्स्यपालन रोजगार का एक सशक्त साधन बन सकता है। प्रशिक्षण प्राप्त छात्र-छात्राओं को रोजगार का एक नया विकल्प मिल सकता है। छात्रों ने झारखंड में मत्स्य उत्पादन के संतोषजनक प्रगति व निदेशालय की गतिविधियों की सराहना की। उक्त जानकारी मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र, शालीमार धुर्वा के मुख्य अनुदेशक प्रशांत कुमार दीपक ने दी।

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