पटना में राष्ट्रीय जनता दल के अंदर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने पार्टी के एमएलसी सुनील सिंह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं बच्चा नहीं, चचा हूं,” और यह भी जोड़ा कि “मेरे सामने खड़े होने की उनकी हैसियत नहीं है।” इस बयान के बाद पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी अब सार्वजनिक बहस में बदल गई है।

बहन के अपमान का आरोप, बयान पर जताई आपत्ति
तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया कि सुनील सिंह ने उनके बयान को बचकाना बताया और उनकी बहन को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणी की। तेज प्रताप ने कहा कि यह किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लालू प्रसाद यादव का संरक्षण सुनील सिंह को नहीं मिला होता, तो पार्टी में उनकी कोई पूछ नहीं होती। इस बार तेज प्रताप ने बिना इशारे या घुमा-फिराकर सीधे नाम लेकर हमला किया। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर पांच प्रभावशाली नेता उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। ये लोग उन्हें उनके भाई तेजस्वी यादव से दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। तेज प्रताप का दावा है कि इन्हीं वजहों से संगठन कमजोर हुआ है।


“लालू यादव को हाईजैक कर लिया गया”
तेज प्रताप ने पार्टी नेतृत्व पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव को कुछ लोगों ने “हाईजैक” कर लिया है। उनके मुताबिक, कुछ नेता निजी स्वार्थ के लिए पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट उद्योगपतियों को बेचे गए और जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया। तेज प्रताप ने कहा कि इसी का नतीजा है कि आरजेडी आज 25 सीटों तक सिमट गई है। अगर हालात नहीं बदले तो पार्टी शून्य पर भी पहुंच सकती है।

बिहार में यात्रा निकालने का ऐलान
तेज प्रताप यादव ने यह भी घोषणा की कि वे जल्द ही बिहार में यात्रा निकालेंगे। इस यात्रा का मकसद कार्यकर्ताओं और आम जनता से सीधा संवाद करना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को दोबारा मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष जरूरी है। यात्रा के जरिए वे “सच्चाई” सामने लाना चाहते हैं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं।

सुनील सिंह का पलटवार
दूसरी ओर, आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने भी तेज प्रताप पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तेज प्रताप दो बार मंत्री रह चुके हैं, लेकिन आज उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि तेज प्रताप का रुख अक्सर बदलता रहता है। कब वे किसी के साथ खड़े हों और कब अलग हो जाएं, यह तय नहीं रहता। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि तेज प्रताप पहले रघुवंश प्रसाद सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं और जगदानंद सिंह पर साजिश का आरोप लगा चुके हैं। हाल में मुकेश रोशन को लेकर भी ऐसे ही आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, सुनील सिंह ने यह भी कहा कि वे लालू प्रसाद यादव के बेटे होने के नाते तेज प्रताप का सम्मान करते हैं और इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ कहना ठीक नहीं समझते।

पार्टी के लिए नई चुनौती
आरजेडी पहले से ही चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक मजबूती को लेकर सवालों का सामना कर रही है। ऐसे में नेताओं के बीच खुली बयानबाजी ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है। क्या यह मामला अंदर ही सुलझेगा या आने वाले दिनों में और बड़े बयान सामने आएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल बिहार की राजनीति में यह टकराव चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

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