
रांची: बोकारो से लापता 18 वर्षीय युवती के कथित नरकंकाल बरामदगी मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने जांच की धीमी रफ्तार और डीएनए टेस्ट में देरी को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर नाराजगी जताई है.
लड़की का नरकंकाल होने पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान प्रार्थी रेखा देवी के अधिवक्ता विंसेंट रोहित और शांतनु गुप्ता ने इस बात पर आशंका जताई कि बरामद नरकंकाल युवती का है. वहीं, सरकार की ओर से कहा गया कि कंकाल का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और एफएसएल व डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि कंकाल मिलने के कई दिन बाद भी डीएनए जांच क्यों नहीं कराई गई और क्या युवती के माता-पिता का सैंपल लिया गया है.
डीजीपी नहीं दे पाईं स्पष्ट जवाब
इन सवालों पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर अदालत ने असंतोष जताया. सुनवाई के दौरान डीजीपी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहीं. कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जांच में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो मामला सीबीआई को सौंपा जा सकता है. प्रार्थी पक्ष की दलील सुनने के बाद अदालत ने डीजीपी, बोकारो एसपी, एफएसएल निदेशक और नई गठित एसआईटी टीम को सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ गुरुवार सुबह 10:30 बजे पेश होने का निर्देश दिया है.
प्रार्थी पक्ष के अधिवक्ता विंसेंट रोहित ने ईटीवी भारत को बताया कि जिस स्थान से नरकंकाल बरामद होने की बात कही जा रही है, वह आम आवाजाही वाला इलाका है. अगर वहां किसी का शव पड़ा होता तो दुर्गंध जरुर फैलती. ऐसे में वहां लंबे समय तक शव का बिना किसी सूचना के पड़े रहना संदिग्ध प्रतीत होता है. साथ ही यह भी आशंका जताई गई कि कंकाल काफी पुराना हो सकता है. सरकार की ओर से अधिवक्ता जयंत फ्रैंक्लिन टोप्पो ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में आरोपी दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में कथित लापरवाही के चलते थाना प्रभारी समेत 18 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है.
[ पुष्पा कुमारी 31 जुलाई 2025 से लापता थी, जिसके बाद उसकी मां ने हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की थी. मामले में पहले ही बोकारो के पिंड्राजोरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है.

