
रांची: झारखंड सरकार के विकास आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई. नेपाल हाउस मंत्रालय में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 को लेकर अहम चर्चा हुई. बैठक में इसके क्रियान्वयन के लिए गठित कोर कमेटी सदस्य शामिल हुए.
आज की बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 को राज्यभर में प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा 01 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू किए गए ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 को शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा. इसके क्रियान्वयन एवं मॉनीटरिंग के लिए राज्य स्तर पर गठित कोर कमेटी की यह पहली बैठक थी.
विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह ने सभी संबंधित विभागों को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उसे धरातल पर लागू करने का निर्देश दिया
: राज्य के विकास आयुक्त ने सभी जिलों को अपने-अपने डंप साइट की सफाई सुनिश्चित करने तथा खाली भूमि पर वृक्षारोपण की योजना तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कई जिलों में भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रोसेसिंग प्लांट शुरू नहीं हो पा रहे हैं. इसलिए जहां भूमि की कमी है वहां भूमि उपलब्ध कराई जाए और आवश्यकता पड़ने पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अपनाई जाए. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कचरा प्रोसेसिंग प्लांट आबादी वाले क्षेत्रों, अस्पतालों और जलापूर्ति स्रोतों से दूर स्थापित किए जाएं ताकि लोगों के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.
इस बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबू इमरान, नगर विकास विभाग के सचिव सुनील कुमार, वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव राजीव लोचन बक्शी, पंचायती राज विभाग की निदेशक राजेश्वरी बी, रांची नगर निगम के नगर आयुक्त सुशांत गौरव और सूडा के निदेशक सूरज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में जुड़े.

