
रांची। रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) द्वारा शहर के पांच प्रमुख बाजार परिसरों और 22 कियोस्क को रांची नगर निगम को हस्तांतरित करने की तैयारी का दुकानदारों ने कड़ा विरोध किया है।
RRDA द्वारा भेजे गए आधिकारिक पत्र के अनुसार, इन परिसरों का कुल मूल्यांकन लगभग 11.47 करोड़ रुपये किया गया है, जिसके आधार पर इन्हें नगर निगम को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
दस्तावेज के अनुसार न्यू डेली मार्केट (मेन रोड) का मूल्यांकन करीब 3.89 करोड़ रुपये, न्यू मार्केट (रातू रोड) का 6.79 करोड़ रुपये और कचहरी चौक मार्केट का करीब 78.28 लाख रुपये आंका गया है।
इसके अलावा RIT बिल्डिंग (कचहरी चौक), बिरसा बस स्टैंड (कांटाटोली) का शून्य तथा शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थित 22 कियोस्क भी हस्तांतरण सूची में शामिल हैं।
आरआरडीए ने इन परिसरों का मूल्यांकन जिला निबंधन कार्यालय द्वारा प्रस्तावित सर्किल रेट के आधार पर कराया है।
750 दुकानदारों की आजीविका पर असर की आशंका
आरआरडीए रिटेल कल्याण फेडरेशन ने इस निर्णय को एकतरफा बताते हुए इसका विरोध किया है। महासंघ का कहना है कि इन परिसरों में पिछले 50 वर्षों से करीब 750 दुकानदार किराएदार के रूप में व्यवसाय कर रहे हैं, जिनसे लगभग 10 हजार परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।
फेडरेशन के अध्यक्ष आनंद कोठारी, वरीय उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह और सचिव मोहम्मद शमीम ने कहा कि बिना दुकानदारों से राय लिए परिसरों का हस्तांतरण किया जा रहा है, जो छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है।
उनका आरोप है कि यह निर्णय लागू हुआ तो लंबे समय से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
निर्णय पर पुनर्विचार की मांग
महासंघ ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन को किसी भी निर्णय से पहले वर्षों से कारोबार कर रहे छोटे व्यापारियों के हितों और उनकी आजीविका को प्राथमिकता देनी चाहिए।
संघ ने स्पष्ट किया है कि वे उच्च न्यायालय में इस मामले को लेकर जाएंगे और उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
संघ ने कहा है कि निगम पहले से ही अपनी संपत्ति को बचा नहीं पा रही है, सही से देख नहीं पा रही है और अब वे इन संपत्तियों को कौड़ी के भाव खरीदकर पूरी अव्यवस्था फैलाने को तैयार है, जिसकी मनमानी से कारोबारी प्रभावित होंगे।

