रांची: झारखंड में हो रहे जनगणना के पहले चरण में 1 मई से 15 मई तक हुए स्व-गणना में लोगों ने खास रुचि नहीं दिखाई. करोड़ों की आबादी वाले इस राज्य में 1,69,184 लोगों ने स्व-गणना में भाग लिया है. भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय के आंकड़ों के मुताबिक इनमें सबसे ज्यादा रांची जिले के लोगों ने स्व-गणना में भाग लिया है, जिनकी संख्या 46629 है.

वहीं, दूसरे नंबर पर पूर्वी सिंहभूम है, जहां 18807 लोगों ने स्व-गणना किया है. सबसे कम पाकुड़ जिला में स्व-गणना हुआ है. यहां मात्र 2410 लोगों ने ऑनलाइन फॉर्म भरा है. भारत सरकार के जनगणना निदेशालय के निदेशक प्रभात कुमार के अनुसार स्व-गणना (self-enumeration) के बाद आज यानी 16 मई से 14 जून 2026 तक घर-घर सर्वे की शुरुआत हुई है.

उन्होंने कहा कि स्व-गणना कम होने के पीछे इच्छाशक्ति का अभाव माना जा सकता है. उन्होंने कहा कि इसके लिए लगातार विभिन्न माध्यमों से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है.

स्व-गणना के बाद शुरू हुआ घर-घर सर्वे

डिजिटल माध्यम से पहली बार हो रहे जनगणना के पहले चरण झारखंड में स्व-गणना के बाद आज 16 मई से 14 जून 2026 तक घर-घर सर्वे होगा. इसके तहत मकानों की सूची और हाउस लिस्टिंग होगी तत्पश्चात दूसरे और अंतिम चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या की गणना की जाएगी. इसके लिए राज्य सरकार के करीब 75000 कर्मचारी लगाए गए हैं.
सरकार इस कार्य के लिए प्रत्येक कर्मचारी को 25 हजार रुपए मानदेय देगी. हाउस सर्वे में प्रगणक को 9000 रुपए मिलेगा, वहीं जनसंख्या गणना के दौरान 16000 रुपए मिलेगा. प्रत्येक प्रगणक को अधिकतम 200 घर का गणना करनी होगी. इधर, आज से शुरू हुए हाउस लिस्टिंग में लगे शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर स्कूल कार्य के पश्चात सुबह 10 बजे के बाद विद्यालय से प्रस्थान करने का निर्देश दिया है.

गौरतलब है कि झारखंड की पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जिसके अनुसार राज्य की कुल जनसंख्या लगभग 3.3 करोड़ (32,988,134) थी. एक अनुमान के मुताबिक वर्तमान में राज्य की अनुमानित जनसंख्या 4.12 करोड़ से 4.15 करोड़ के बीच होने की संभावना है.

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