वॉशिंगटन: पाकिस्तान की पुरानी ‘दोहरी चाल’ अब उसके लिए जी का जंजाल बनने वाली है। वॉशिंगटन से आई एक ताजा रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल मचा दी है। इस रिपोर्ट का सार सीधा है—अगर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप के ‘गाजा स्थिरीकरण मिशन’ में वादाखिलाफी की, तो पाकिस्तान दुनिया की नजरों में एक ‘अविश्वसनीय साथी’ बनकर रह जाएगा।

आज की तारीख में जनरल मुनीर की ताकत तीन खंभों पर टिकी है: सेना पर लोहे जैसी पकड़, इस्लामाबाद की कमजोर कठपुतली सरकार और इमरान खान की सियासी घेराबंदी। लेकिन रिपोर्ट कहती है कि यह ताकत अब बाहरी ऑक्सीजन पर निर्भर है। मुनीर को अपने अस्तित्व के लिए वॉशिंगटन से तीन चीजें चाहिए—अपनी शक्तियों के विस्तार पर अमेरिका की मौन सहमति, डूबती अर्थव्यवस्था के लिए निवेश और इमरान खान के खिलाफ जारी दमनकारी कार्रवाई पर दुनिया की चुप्पी।

क्या है ‘फॉस्टियन समझौता’? खबरों की मानें तो ट्रंप प्रशासन गाजा में एक ‘इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स’ (ISF) बनाने की तैयारी में है। मुनीर ने इस हाई-रिस्क प्रोजेक्ट में पाकिस्तानी सैनिक देने का संकेत देकर अमेरिका को लुभाने की कोशिश की है। यह एक तरह का ‘लेन-देन आधारित सौदा’ है। मुनीर गाजा में अपनी फौज झोंकना चाहते हैं ताकि बदले में अमेरिका उन्हें ‘राजनीतिक संरक्षण’ दे सके। लेकिन समस्या यह है कि ट्रंप का नया अमेरिका अब पुराने झांसों में आने वाला नहीं है। वहां नीतियां अब रिश्तों पर नहीं, बल्कि ‘रिजल्ट’ पर आधारित हैं।

धोखाधड़ी की रणनीति अब बेअसर रिपोर्ट में साफ चेतावनी दी गई है कि पाकिस्तान का ‘वदे करो और मुकर जाओ’ वाला पुराना रवैया अब काम नहीं आएगा। मुनीर इस समय दोराहे पर हैं। एक तरफ वे आईएसएफ के मुद्दे पर कदम पीछे खींचते दिख रहे हैं, तो दूसरी तरफ वे खनिज और ऊर्जा समझौतों के जरिए आर्थिक राहत की उम्मीद कर रहे हैं। अगर ट्रंप को लगा कि मुनीर केवल वक्त काट रहे हैं और जमीन पर कुछ नहीं कर रहे, तो पाकिस्तान को मिलने वाली हर गारंटी खत्म हो सकती है।

अंतिम विकल्प और जोखिम अगर पाकिस्तान ने टालमटोल जारी रखी, तो अमेरिका के पास ज्यादा विकल्प नहीं बचेंगे। या तो वह पाकिस्तान पर कड़ा सीधा दबाव बनाएगा या फिर मुनीर को दरकिनार कर कोई नया रास्ता चुनेगा। दोनों ही सूरत में मुनीर देश के भीतर असुरक्षित हो जाएंगे और विदेशों में उनकी साख मिट्टी में मिल जाएगी। गाजा के नाम पर अंतरराष्ट्रीय संरक्षण पाने का यह खतरनाक खेल मुनीर के लिए आत्मघाती भी साबित हो सकता है।

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