रांची। पहाड़ी मंदिर स्थित महाकाल मंदिर मेें बाबा महाकाल के अरघा का जिर्णोधार का कार्य पूर्ण हो गया है। जहां बनारस की कुशल कारीगरों की टीम के द्वारा 6 लाख की लागत से नक्काशीदार अरघा, नंदी भगवान सहित अन्य कार्य किये गए है। जहां महाकाल मंदिर के दो दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम शुक्रवार और शनिवार को होगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। पहाड़ी मंदिर विकास समिति के उप समिति सदस्य कैलाश राय, आनंद गाड़ोदिया ने बताया की प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम दिन शुक्रवार 13 फरवरी को सुबह आचार्य श्याम सुंदर भारद्वाज और पहाड़ी मंदिर के पुजारियोें के सानिध्य में प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम सुबह 8 बजे से शुरू होेंगे। इसमें 11 भक्त सह पत्निक अनुष्ठान में भाग लेंगे। दूसरे दिन के सुबह हवण, महाआरती, प्रसाद वितरण के कार्यक्रम होंगे। इसके साथ महाकाल मंदिर के पट्ट आम भक्तों के पूजा-अर्चना के लिए खुल जाएगें।

पहाड़ी मेंं शिवरात्रि को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में

सरकारी पूजा के बाद 4 बजे से आम भक्त कर सकेंगे पूजा-अर्चना
वरीय संवाददाता
रांची। महाशिवरात्रि को लेकर राजधानी के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर के मुख्य मंदिर सहित सभी मंदिरों को रंग-रोगन कर तैयार किया जा रहा है। तैयारियों को लेकर पूर्व में पहाड़ी मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, समिति के सचिव सह एसडीओ कुमार रजत व जिला प्रशासन ने पहाड़ी मंदिर विकास समिति के विभीन्न उप समितियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक कर भक्तों की बेहतर से बेहतर सुविधा, प्रशासन की ओर से सुरक्षा, व अन्य सुविधाओं को लेकर सभी को अलग-अलग जिम्मेंवारी सौपी गई है। उपायुक्त के आदेशानुसार बुधवार को समिति के विभीन्न उपसतियों के सदस्यों ने बैठक कर महाशिवरात्रि को लेकर अपने-अपने कार्य की जिम्मेंवारी सौपी गई। साथ ही निर्देश दिया गया है कि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
महाशिव रात्रि पर ये व्यवस्था होेगी भक्तों के लिए
प्रात: 3.30 बजे सरकारी पूजा के उपरांत 4 बजे आम भक्तों के लिए मुख्य मंदिर सहित पहाड़ी मंदिर के सभी मंदिरोें के पट्ट खोले जाएगें।
सभी मंदिरों में भक्त अरघा से जलाभिषेक कर सकेंगे।
नई सिढ़ियों से भक्त मुख्य मंदिर तक पहुंचेगे, जलाभिषेक करनें के पश्चात मंदिर क पीछे सिढ़ियों से वापस होते हुए विश्वनाथ मंदिर, काली मंदिर, महाकाल मंदिर मे पूजा-अर्चना कर बहार की ओर निकलेंगे।
सीसीटीवी की निगरानी में पूरा मंदिर परिसर रहेगा। इसके साथ महिला पुलिस, पुलिस बल, यातायात पुलिस, दंडाधिकारी, फसट ऐड, चलंत शौचालय, पेय जल, खोया-पाया सूचना केंद्र, पहान, स्वंक सेवक, भक्तों के लिए सभी मंदिरों में लोटा, जल, पुजारी की व्यवस्था क अलावा अन्य कई प्रकार की व्यवस्था रहेगी।
प्लाष्टिक व कांच की बोतल पर रहेगा प्रतिबंध
महाशिवरात्रि को लेकर जिला प्रशासन से प्रसाद विक्रेताओं, बाबा भालेनाथ के भक्तो से अनुरोध किया है। की पूजा के लिए प्लाष्टिक की थैला, कांच की बोतल का उपयोग नहीं करें। जुट का थैला, सखुआ पत्ता दोना, बांस की टोकरी का उपयोग पूजन सामाग्री के लिए करें।
बैठक में ये उपसमिति के सदस्य रहे उपस्थित
साधन, मिश्रा जी, आनंद गाड़ोदिया, कैलाश, राय,मदनलान पारीक, सौरभ चौधरी, प्रवीण अग्रवाल, हेंमेंद्र सिंह, अंकित सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे ।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version