पटना। बिहार में अपराध अनुसंधान (Investigation) को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री ने पटना में 34 आधुनिक ‘चलंत फॉरेंसिक वाहनों’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन अत्याधुनिक जांच उपकरणों से लैस हैं, जो अपराध स्थल पर जाकर तुरंत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में सक्षम होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ दोनों उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी मौजूद रहे।

इन फॉरेंसिक वाहनों को रवाना करने से पहले मुख्यमंत्री ने खुद इनका निरीक्षण किया और तकनीकी सुविधाओं की जानकारी ली। नीतीश कुमार ने कहा, “2005 से ही हमारी सरकार ने ‘कानून का राज’ स्थापित करने को प्राथमिकता दी है। पहले साक्ष्य एकत्र कर लैब भेजने में काफी समय लगता था, जिससे जांच में देरी होती थी। अब ये मोबाइल टीमें घटनास्थल पर ही अपनी जांच शुरू कर देंगी, जिससे अपराधियों को पकड़ना आसान होगा और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलेगा।”

सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ी शुरुआत करने के बाद मुख्यमंत्री सीधे पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान पहुंचे, जहाँ उन्होंने ‘बिहार सरस मेला’ का भ्रमण किया। 12 दिसंबर से शुरू हुए इस मेले में बिहार के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प और देशी व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों पर जाकर विक्रेताओं से बातचीत की और उनके उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। सरस मेला न केवल व्यापार बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक बन चुका है।

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