रांची: रांची के रातू प्रखंड के तिगरा में शुक्रवार को जिलास्तरीय कृषि मेला सह प्रदर्शनी-कार्यशाला- 2026 का उद्घाटन राज्य की कृषि , पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किया. इस मौके पर कृषि मंत्री ने स्टॉल भ्रमण के बाद किसानों के बीच परिसंपत्ति का
कृषि मेला को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में जिलास्तरीय कृषि मेला के आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण किसानों को विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाना है. राज्य में चल रही महागठबंधन की सरकार में सफल और समृद्ध किसान बनाने के लिए हर तरह की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है. चाहे बात खेती-बाड़ी से जुड़ी हो, मत्स्य पालन से जुड़ी हो, पशुपालन से जुड़ी हो या समिति बना कर कृषि के क्षेत्र में काम करने वाले किसानों से जुड़ी हो हर क्षेत्र में सरकार की योजनाएं चल रही हैं.
उन्होंने कहा कि कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग किसानों को सब्सिडी पर योजनाओं का लाभ देने का काम कर रहा है. अलग -अलग योजनाओं में 50 से 90 प्रतिशत तक किसानों को सब्सिडी के आधार पर योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है. राज्य के अन्नदाता किसान कैसे मजबूत बनें इसको लेकर कदम-कदम पर सरकार खड़ी है.
जमीन संरक्षण के लिए किया जागरूक
कृषि मंत्री ने कहा कि आज तेजी के साथ ग्रामीण इलाकों में जमीन की बिक्री हो रही है . हमें अपनी जमीन- अपने गांव की जमीन को बचाना होगा, क्योंकि उसी से हमारी पहचान है. जल-जंगल और जमीन के संरक्षण को लेकर जागरूक रहते हुए संघर्ष को तेज करने की जरूरत है. समाज को जाति, धर्म के नाम पर बांटने और तोड़ने का चक्रव्यूह रच रहे राजनीतिक व्यापारियों से बचना होगा. अगर हम उनके चक्रव्यूह में फंस गए तो अपनी पहचान को नहीं बचा पाएंगे.
जिला स्तरीय किसान मेला में लगे स्टॉल का भी कृषि मंत्री ने भ्रमण किया और विस्तार से उत्पादों की जानकारी ली. विभागीय मंत्री ने मेला में उपस्थित लोगों से स्टॉल का जरूर भ्रमण करने की अपील की. इस मौके पर परिसंपत्ति वितरण के तहत ट्रैक्टर, बाइक विथ आईस बॉक्स, केसीसी , संरक्षित फूलों की खेती , गाय वितरण, मिलेट मिशन के लाभुकों के बीच योजना का लाभ दिया.
इस मौके पर सचिव अबू बक्कर सिद्दीकी, JSCA अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव, जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला भगत, संगीता तिर्की, रियाजुल , कुशल उरांव, सुखदेव उरांव, सविता तिर्की, रंजीत पाहन, अनिल उरांव सहित जिला के विभागीय अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद थे.

