
हजारीबाग पुलिस कार्यालय के अकाउंट सेक्शन से करीब 30 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी करने वाले मास्टरमाइंड शंभू कुमार ने अवैध कमाई से करोड़ों की संपत्ति बनाई है. गया के एपी मार्ग जैसे पॉश इलाके में 7 से 8 करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला इमारत बनाने की जानकारी मिली है
जमीन पत्नी के नाम से खरीदी गई थी. इसके अलावा उसके पास इनोवा, थार समेत कई महंगी गाड़ियां भी पाई गई हैं. रांची के मोरहाबादी इलाके में भी संपत्ति होने का पता चला है.
वहीं आरोपी रजनीश कुमार उर्फ पंकज सिंह ने भारत माता चौक के पास बायपास रोड के पास गली में घर बनाया है. जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपितों के परिवार और ससुराल पक्ष के कुछ लोग भी इस नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं.
फर्जी बिलिंग से खातों में ट्रांसफर
जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी बिलिंग और Temp Pay ID के माध्यम से सरकारी राशि निकाली जाती थी. करोड़ों रुपये शंभू कुमार के खाते में ट्रांसफर किए गए, जिसे बाद में अलग-अलग खातों और संपत्तियों में लगाया गया. आरोपित लंबे समय से पुलिस कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में पदस्थापित थे, जिससे उन्हें सिस्टम की पूरी जानकारी थी.
करतूत पकड़ी तो साथियों को भी शामिल किया
पूछताछ में सामने आया कि शुरुआत में शंभू कुमार अकेले ही राशि ट्रांसफर का खेल कर रहा था. जब रजनीश उर्फ पंकज को इसकी जानकारी मिली तो शंभू ने उसे भी अपने साथ मिला लिया. बाद में धीरेन्द्र सिंह को भी शामिल कर लिया गया और तीनों मिलकर फर्जी निकासी का नेटवर्क चलाने लगे.
लग्जरी लाइफस्टाइल ने बढ़ाया शक
लग्जरी लाइफस्टाइल ने बढ़ाया शक
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सिपाही अचानक लग्जरी जीवनशैली जीने लगे थे. महंगी गाड़ियां, जमीन और भवन निर्माण को लेकर पहले भी सवाल उठे थे. उस समय उन्होंने संपत्ति बेचकर वाहन खरीदने की बात कही थी, लेकिन अब फर्जी निकासी का खुलासा होने के बाद पूरा मामला स्पष्ट हो गया.
एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. तीन पुलिसकर्मी और दो उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है और अवैध संपत्ति की पहचान कर आगे भी कार्रवाई की जाएगी

