रांची: 29 और 30 मई को लगातार झारखंड डीजीपी तदाशा मिश्रा राज्य के सभी जिलों के एसएसपी, एसपी, रेंज आईजी, डीआईजी समेत मुख्यालय के सीनियर आईपीएस अफसरों के साथ कानून व्यवस्था पर समीक्षा बैठक करेगी. समीक्षा बैठक के लिए पुलिस मुख्यालय के द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए है. साथ ही मीटिंग का एजेंडा भी तय कर दिया गया है.

बैठक में होगी कई मुद्दों की समीक्षा

झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा पहली बार राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ आमने-सामने बैठकर कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगी. 29 और 30 मई को झारखंड पुलिस मुख्यालय में सभी जिलों के एसएसपी, एसपी सहित तमाम वरीय अफसर मौजूद रहेंगे.

मिनट टू मिनट कार्यक्रम तय

दो दिनों तक चलने वाली समीक्षा बैठक का एजेंडा समेत मिनट टू मिनट कार्यक्रम भी तय कर दिया गया है. बैठक को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी किए गए पत्र में बताया गया है 29 मई को दिन के 11 बजे से झारखंड पुलिस मुख्यालय के सभागार में कानून व्यवस्था से जुड़े तमाम एजेंडे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.

क्या है मीटिंग का एजेंडा

29 मई को होने वाली समीक्षा बैठक में एजेंडा नंबर एक के तहत पुलिस महानिरीक्षक अभियान द्वारा कानून व्यवस्था से संबंधित पीपीटी का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा. एजेंडा नंबर 2 में सीआईडी के द्वारा राज्य के मुख्य अपराध से संबंधित पीपीटी का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा. एजेंडा नंबर 3 में राज्य के वर्तमान नक्सल परिदृश्य से संबंधित पीपीटी प्रेजेंटेशन स्पेशल ब्रांच के द्वारा किया जाएगा.

एजेंडा नंबर 4 में नए कानून से संबंधित पीपीटी का प्रस्तुतीकरण पुलिस उप महानिरीक्षक जैप के द्वारा किया जाएगा. एजेंडा नंबर 5 में आरएसएस से संबंधित पीपीटी का प्रस्तुतीकरण पुलिस उप महानिरीक्षक झारखंड जगुआर के द्वारा किया जाएगा.

कानून व्यवस्था के निम्नलिखित आयामों पर होगी चर्चा
डीजीपी के द्वारा पर्व त्यौहार के दौरान खड़ी हुई कानून व्यवस्था की समस्या 2025 से मार्च 2026 तक यदि कोई महत्वपूर्ण कांड, आपराधिक घटना जिसमें विधि व्यवस्था की स्थिति खराब हुई हो, उसकी पूरी विवरणी, राज्य में साइबर क्राइम, डकैती, लूट, चोरी गृह भेदन, फिरौती के लिए अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, नक्सल और अवैध मानव व्यापार से संबंधित रिपोर्ट के साथ-साथ वर्तमान नक्सल परिद्रश्य कैसा है इस पर विस्तार से चर्चा होगी.

वहीं झारखंड में 5 साल या उससे पूर्व के लंबित कांडों के निष्पादन की दिशा में किस तरह के कार्य किए जा रहे हैं. वर्तमान में राज्य के जिलों में लंबित कांडों की क्या स्थिति है? डीजीपी द्वारा जायजा लिया जाएगा.

बैठक में पॉक्सो एक्ट, महिला अत्याचार (दहेज मृत्यु, दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, डायन प्रतिषेध से जुड़े मामले) और एससी-एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की भी गहन समीक्षा होगी. इन मामलों में लंबित अनुसंधान की स्थिति, अभियोजन में रुकावट और पीड़ितों को दी गई मुआवजा राशि, राहत की प्रगति रिपोर्ट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

डीजीपी ने श्रावणी मेले की तैयारियों का लेंगी जायजा

डीजीपी की बैठक में आगामी श्रावणी मेले को लेकर भी विशेष रणनीति तैयार की जाएगी. देवघर एसपी को श्रावणी मेले के संबंध में विशेष प्रजेंटेशन बनाकर लाने का निर्देश दिया गया है.

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