रांची। मंगलवार की शाम दिल्ली में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के पुत्र के विवाह उपरांत आयोजित रिसेप्शन समारोह राजनीतिक दिग्गजों के मिलन का केंद्र बना। इस शाही समारोह में जहाँ एक ओर देश के कई राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जुटे थे, वहीं दूसरी ओर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच हुई बातचीत ने पूरी महफिल का ध्यान खींच लिया।
अक्सर अपने बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले डॉ. इरफान अंसारी ने सम्राट चौधरी से मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। दरअसल, बिहार में हाल के दिनों में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बढ़ती ‘बुलडोजर कार्रवाई’ पर इरफान अंसारी ने सम्राट चौधरी को सीधे तौर पर टोक दिया। सम्राट चौधरी, जिनके पास वर्तमान में बिहार का गृह विभाग भी है, को संबोधित करते हुए डॉ. अंसारी ने कहा कि प्रशासन को सख्ती दिखाने के चक्कर में संवाद और सौहार्द का रास्ता नहीं भूलना चाहिए।
डॉ. अंसारी ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात का ब्यौरा देते हुए लिखा कि उन्होंने सम्राट चौधरी से स्पष्ट कहा है कि “बुलडोजर की भाषा नहीं, बल्कि भाईचारे और संवाद की भाषा अपनाई जानी चाहिए।” स्वास्थ्य मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार की जनता उत्तर प्रदेश मॉडल की नकल स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने जोर दिया कि झारखंड में उनकी सरकार समाज को जोड़ने का काम कर रही है और बिहार में भी विनाशकारी नीतियों के बजाय संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राज्यपाल संतोष गंगवार को अपना अभिभावक बताने वाले डॉ. अंसारी ने इस पारिवारिक समारोह में भी अपने तेवर नरम नहीं किए। समारोह में भाजपा, कांग्रेस और झामुमो के नेताओं ने एक साथ शिरकत तो की, लेकिन इरफान अंसारी की इस “बुलडोजर बनाम भाईचारा” वाली नसीहत ने बिहार और झारखंड की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। इस मुलाकात के बाद अब बिहार के सियासी गलियारों में भी पलटवार की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।


