
रांची/खूंटी: खूंटी जिले में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी. जिले के खूंटी, मुरहू और कर्रा प्रखंड क्षेत्र में गिरे बड़े-बड़े ओलों ने ग्रामीण इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. ओलावृष्टि से खासकर एस्बेस्टस और खपड़ैल मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. कई घरों की छतें टूट गईं, जिससे गरीब परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है.ग्रामीणों के मुताबिक, शाम करीब चार बजे अचानक मौसम बदला. आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं. कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई. बारिश के साथ करीब 15 से 20 मिनट तक लगातार ओलावृष्टि होती रही. कई इलाकों में बड़े आकार के ओले गिरने की सूचना है. अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया. लोग जान बचाने के लिए दुकानों, शेड और सुरक्षित जगहों की ओर भागते नजर आए.
ओलावृष्टि से भारी नुकसान का अंदेशा
ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला. कई घरों की एस्बेस्टस और खपड़ैल छतें क्षतिग्रस्त हो गईं. वहीं किसानों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. ग्रामीणों ने बताया कि सब्जी और तरबूज की फसल को भारी क्षति पहुंची है. खेतों में तैयार फसल ओलों की मार से बर्बाद हो गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.
मामले को लेकर मुरहू अंचल अधिकारी शंकर विश्वकर्मा ने बताया कि क्षेत्र में नुकसान की सूचना प्रशासन को मिली है. आपदा प्रबंधन विभाग के मानकों के अनुसार, प्रभावित इलाकों का आकलन कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि क्षति का सही मूल्यांकन करने के बाद प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा.
दरअसल, वेस्टर्न डिस्टरबेंस समेत कई वजहों से पिछले कई दिनों से झारखंड में मौसम बदला हुआ है. हर दिन झारखंड के किसी न किसी इलाके में तेज हवा वज्रपात और बारिश हो रही है. पिछले एक सप्ताह के दौरान कई इलाकों में वज्रपात की वजह से जान माल का काफी नुकसान हुआ है.
लोगों को गर्मी से मिली राहत
मौसम केंद्र ने भी स्पष्ट किया है कि 14 मई तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. राहत की बात है कि बारिश की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिली है क्योंकि सामान्य की तुलना में अधिकतम तापमान में कमी रिकॉर्ड हुई है.

