नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है. इसे 15 फीसदी कर दिया गया है. इससे पहले यह छह फीसदी था. इस फैसले के बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल के साथ शुरुआत हुई.
इस समय चांदी की कीमत 3 लाख प्रति किलोग्राम है. अलग-अलग शहरों में अलग-अलग रेट है, इसमें मामूली अंतर देखा जा सकता है. औसतन 24 कैरेट सोने की कीमत 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रही है. 22 कैरेट सोना 1,45,160 रुपये पर पहुंच गया है. 18 कैरेट वाला सोना 1,20,500 रुपये पर है. जहां तक चांदी की बात है, तो यह 3 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.
एक दिन पहले के भाव से तुलना करें तो चांदी करीब 18 हजार रुपये अधिक प्रति किलो महंगी हो गई, जबकि सोने के दाम में भी 9 हजार रुपये अधिक प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज की गई है.
हैदराबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹16,398 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना: ₹14,515 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना: ₹12,305 प्रति ग्राम है.
कीमतों में बढ़ने की वजह – मुद्रा में उतार-चढ़ाव (भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच विनिमय दर) और डिमांड प्रमुख कारण हैं. ऊपर से सरकार ने सीमा शुल्क भी बढ़ा दिया है.
वित्त मंत्रालय ने क्या कहा
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 13 मई से सामाजिक कल्याण अधिभार (एसडब्ल्यूएस) और कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (एआईडीसी) में वृद्धि की गई है. पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद एवं विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के बाद यह अधिसूचना जारी हुई है. सूत्रों ने कहा कि इस कदम से सरकार उभरते जोखिमों का विवेकपूर्ण प्रबंधन करने तथा चालू खाते पर दबाव और बढ़ने से पहले संभावित बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशीलता कम करने का प्रयास कर रही है.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार एक मई को समाप्त सप्ताह में घटकर 690 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जो 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था. इसके बाद पश्चिम एशिया युद्ध शुरू हुआ जिससे महंगे आयात के कारण रुपये पर दबाव पड़ा है.
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी काउंसिल (जीजेसी) ने बुधवार को कहा कि सोने पर आयात शुल्क 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद रत्न और आभूषण उद्योग को आने वाले समय में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इस कदम से अवैध बाजार को बढ़ावा मिल सकता है.
जीजेसी के अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने पीटीआई न्यूज एजेंसी को बताया, “प्रधानमंत्री के मितव्ययिता उपायों और सोने पर आयात शुल्क में वृद्धि के कारण अब कारोबार मुश्किल होने वाला है. उद्योग को आशंका है कि इससे अवैध बाजार को बढ़ावा मिलेगा. तस्करी बढ़ने की संभावना है, जिससे देश में समानांतर अर्थव्यवस्था स्थापित हो सकती है.”
शुल्क वृद्धि के बारे में बताते हुए रोकड़े ने कहा कि सीमा शुल्क, जीएसटी और कृषि उपकर सहित आयात शुल्क के कारण सोना पहले के 13,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर लगभग 27,000 रुपये एक्स्ट्रा प्रति 10 ग्राम हो जाएगा.उन्होंने कहा कि जीजेसी ने हालिया नीतिगत फैसलों पर विचार-विमर्श करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए बुधवार को मुंबई में उद्योग के सभी संघों की बैठक बुलाई है.इस बीच, आभूषण विक्रेता सेन्को गोल्ड एंड डायमंड्स के एमडी और सीईओ सुवंकर सेन ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बने रहने तक आयात शुल्क अधिक रहेगा. इसके अलावा, तेल आपूर्ति श्रृंखला के स्थिर होने तक कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंची बनी रहेंगी.
उन्होंने कहा कि अगले एक साल तक कीमत लगभग इसी स्तर पर बने रहने की संभावना है, लेकिन मात्रा कम हो सकती है. उनके अनुसार उपभोक्ता हल्के वजन के आभूषण खरीदेंगे.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विदेशी मुद्रा बचाने के लिए अन्य मितव्ययिता उपायों के साथ-साथ सोने की खरीद पर अंकुश लगाने का आह्वान किया. सरकार ने 13 मई से सामाजिक कल्याण अधिभार (एसडब्ल्यूएस) और कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (एआईडीसी) में वृद्धि की है.
शुल्क वृद्धि से सोने पर कुल सीमा शुल्क बढ़कर 15 प्रतिशत हो जाएगा. भारत का सोने का आयात 2025-26 में 24 प्रतिशत से अधिक बढ़कर सर्वकालिक उच्च स्तर 71.98 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया. हालांकि, मात्रा के हिसाब से, 2025-26 में शिपमेंट में 4.76 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 721.03 टन रहा.

