रांची: झारखंड के युवाओं का भारतीय सेना में शामिल होने का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस (एआरओ) रांची में इन दिनों काफी चहल-पहल है, क्योंकि अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया का दूसरा चरण अपने पूरे शबाब पर है। हमारे संवाददाता ने बताया कि कड़ाके की ठंड के बावजूद देश सेवा का जज्बा युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है।
प्रतिदिन ट्रेनिंग सेंटर भेजे जा रहे हैं युवा एआरओ रांची से मिली जानकारी के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों को विभिन्न रेजिमेंटल सेंटरों के लिए डिस्पैच करने का काम तेजी से चल रहा है। व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रतिदिन लगभग 100 से 150 अभ्यर्थियों को जत्थों में भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया मध्य जनवरी तक लगातार जारी रहेगी। झारखंड के विभिन्न जिलों से आए इन युवाओं को चरणबद्ध तरीके से भेजा जा रहा है ताकि प्रशिक्षण केंद्रों में वे समय पर रिपोर्ट कर सकें और उनकी ट्रेनिंग समय पर शुरू हो सके।
मार्च में गया में होगा अगला मुकाबला सेना के अधिकारियों ने एक और बड़ी जानकारी साझा की है। पिछले कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) के आधार पर झारखंड के लगभग 800 से 900 होनहार युवाओं को अगले चरण के लिए चुन लिया गया है। इन शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों के लिए असली चुनौती मार्च महीने में होगी, जब बिहार के गया में भव्य भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। वहां युवाओं को अपनी शारीरिक दक्षता और दमखम का परिचय देना होगा।
सावधान! केवल आधिकारिक सूचनाओं पर करें भरोसा भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों को आगाह किया है कि वे किसी भी दलाल या भ्रामक जानकारी के झांसे में न आएं। एआरओ रांची ने स्पष्ट रूप से अपील की है कि अभ्यर्थी केवल आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए निर्देशों का ही पालन करें। साथ ही, आगामी रैली को देखते हुए सभी शॉर्टलिस्टेड युवाओं को अपने दस्तावेज (Documents) दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है, ताकि आखिरी समय में किसी कागजी कमी के कारण उनकी मेहनत बेकार न जाए। राजधानी के युवाओं में इस भर्ती को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।


