रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार की हार के बाद सियासी तनाव बढ़ गया है। भाकपा माले ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया और अब अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए सहयोगी दलों पर आरोप लगा रही है। भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि पार्टी के दोनों विधायकों ने गठबंधन के निर्णय के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था। उन्होंने बताया कि मतदान के बाद मतपत्रों की जांच भी की गई थी और उसमें कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई।

कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

माले नेता ने कहा कि इसके बावजूद हार के बाद कांग्रेस नेताओं ने बिना किसी ठोस सबूत के माले और राजद पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने स्तर पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि आखिर गठबंधन का उम्मीदवार चुनाव कैसे हार गया।

“सच्चाई सामने आनी चाहिए”

मनोज भक्त ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक चुनावी हार का नहीं, बल्कि झारखंड की राजनीतिक विश्वसनीयता से जुड़ा है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो ने कहा कि कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेद और विरोधाभासी बयान कई सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हार की असली वजह छिपाने के लिए कांग्रेस सहयोगी दलों पर निशाना साध रही है।

भाकपा माले ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि गठबंधन की एकता को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

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