झारखंड में पेट्रोल-डीजल कारोबार से जुड़े डीलरों ने वैट रिटर्न से राहत देने के फैसले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के वित्त मंत्री के प्रति आभार जताया है. पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन, साउथ छोटानागपुर एक्सक्यूटिव कमिटी की बैठक में इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे डीलरों के लिए बड़ी राहत बताया गया. बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष राजहंस मिश्रा ने की. इस दौरान सदस्यों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर वैट के त्रैमासिक एवं मासिक रिटर्न भरने की अनिवार्यता समाप्त होने से डीलरों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव कम होगा.
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला वैट डीलरों द्वारा तेल कंपनियों को खरीद के समय ही अग्रिम रूप से भुगतान कर दिया जाता है. इसके बावजूद हर महीने और हर तिमाही रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया जारी थी, जिससे डीलरों को अतिरिक्त कागजी कार्यवाही और अनुपालन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से इस व्यवस्था में बदलाव की मांग की जा रही थी. सरकार द्वारा अब इस दिशा में लिया गया निर्णय व्यापारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

छोटे और मध्यम डीलरों को मिलेगी राहत
डीलरों का कहना है कि वैट रिटर्न की जटिल प्रक्रिया के कारण छोटे और मध्यम स्तर के पेट्रोल पंप संचालकों को अधिक परेशानी होती थी. उन्हें बार-बार दस्तावेज तैयार करने, ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने और अलग-अलग औपचारिकताओं को पूरा करने में समय और संसाधन खर्च करने पड़ते थे. अब इस व्यवस्था में राहत मिलने से डीलर अपने व्यवसाय पर अधिक ध्यान दे सकेंगे. साथ ही प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल होगी.

सरकार के फैसले का किया स्वागत
बैठक में मौजूद सदस्यों ने राज्य सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने डीलरों की समस्याओं को समझते हुए सकारात्मक पहल की है. एसोसिएशन के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी व्यापारियों और पेट्रोलियम डीलरों से जुड़े मुद्दों पर सरकार इसी तरह संवेदनशील रवैया अपनाएगी

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