झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्र ने रांची शहरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने और अपराध नियंत्रण के लिए ‘तीसरा-नेत्र’ (सीसीटीवी) कैमरों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए है. इस आदेश के तहत शहर में स्थापित सभी सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता की समीक्षा, उनकी रेजोल्यूशन क्षमता बढ़ाने और नए संवेदनशील स्थानों पर कैमरा लगाने के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है.

इस समिति के अध्यक्ष एडीजी सीआईडी मनोज कौशिक को बनाया गया है. वहीं सदस्यों में पुलिस उप-महानिरीक्षक (झारखंड जगुआर) इंद्रजीत महथा और वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची राकेश रंजन को शामिल किया गया है. यह समिति शहर भर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों का व्यापक मूल्यांकन करेगी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र ही डीजीपी को सौंपेगी. रिपोर्ट के आधार पर कैमरों के सक्रिय एवं प्रभावी उपयोग के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिसमें पुराने कैमरों की मरम्मत, अपग्रेडेशन तथा नए स्थानों पर इंस्टॉलेशन प्रमुख होंगे.

कमेटी नए स्थानों को चिन्हित करेगी
डीजीपी के द्वारा बनाई गयी कमेटी राजधानी के वैसे सभी इलाकों का मूल्यांकन करेगी जहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकते हैं. वहीं शहर में लगे जो सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं उनके मरमती का काम भी कमेटी का निर्देश पर करवाया जाएगा. डीजीपी कार्यालय से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि रांची शहरी क्षेत्र के सुरक्षा व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण के लिए शहरी क्षेत्र में स्थापित सभी सीसीटीवी कैमरों की गुणवता की समीक्षा और उनके रेजुलेसन को बढ़ाने एवं नये स्थानों में कैमरा स्थापित करने के लिए स्थल चयन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन संबंधी आदेश निर्गत किया गया है. कमेटी के निर्णय के बाद इस संबंध में सभी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

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