गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गैरमौजूदगी की बाबूलाल मरांडी ने आलोचना की है. गणतंत्र दिवस के अवसर पर दुमका में झंडोत्तोलन नहीं करने के सीएम हेमंत के फैसले को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हमें राज्य के उच्च अधिकारियों से पता चला कि 26 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री राज्य क्या, देश में ही नहीं रहेंगे. ऐसे में गणतंत्र दिवस के दिन मुख्यमंत्री उपराजधानी दुमका में झंडोत्तोलन नहीं करेंगे.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हाथों में संविधान लेकर घूमने वाले दल के नेताओं को भी यह बताना चाहिए कि क्या यह भारत के संविधान का अपमान नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य को किस तरह चला रहे हैं, यह तो हम देख ही रहे हैं. अब तो मुख्यमंत्री गणतंत्र दिवस का भी अपमान कर रहे हैं.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि दावोस में हेमंत सोरेन टाटा के साथ MoU कर रहे हैं. सरकार किसे बेवकूफ बना रही है? टाटा तो झारखंड की ही कंपनी है. इसी तरह नवीन जिंदल जैसे उद्योगपतियों से MoU का दिखावा करके वह राज्य की जनता को मूर्ख बना रहे हैं.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार को दावोस और लंदन यात्रा में जो खर्च हुआ है, उसका हिसाब उन्हें राज्य की जनता के समक्ष देना होगा. राज्य की स्थिति बदतर है और मुख्यमंत्री अपने अधिकारियों के साथ लंदन की सड़कों पर मार्केटिंग कर रहे हैं, यह अजीब विडंबना है.

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version