रांची: ‌श्रद्धानंद पथ पर स्थित आर्यसमाज मंदिर रांची ने आज दिनांक 23 दिसंबर 2025 को स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस मनाया। 23 दिसंबर 1926 को स्वतंत्रता संग्राम के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, घर वापसी के प्रारंभ कर्ता , दिल्ली के जामा मस्जिद से वेदमन्त्र बोल कर वेद व्याख्या करने वाले स्वामी श्रद्धानंद जी को एक मतांध अब्दुल रशीद ने गोली मार दिया और वे धर्म की वेदी पर बलिदान हो गए । आर्यसमाज रांची ने आज उनका बलिदान दिवस मनाया।

आज प्रातः श्री राजेन्द्र आर्य जी , मंत्री अजय आर्य जी सपत्नीक, श्री स्वयं ओक्षा सपत्नीक यजमान थे । इसी कड़ी में पंजाब से आए हुए प्रसिद्ध भजनोपदेशक पंडित जगत वर्मा जी ने बहुत ही प्रभावशाली भजन प्रस्तुत किया । इसके बाद डी ए वी नंदराज की छात्राओं ने श्रद्धानंद जी और शिक्षा सबों के लिए इस विषय पर एक एकांकी प्रस्तुत कर बहुत तालियां बटोरी। इसके बाद बिजनौर से आए हुए आचार्य विष्णु मित्र वेदार्थी जी ने स्वामी श्रद्धानंद के व्यक्तित्व और कर्तृत्व पर प्रकाश डाला।

इन्होंने कहा कि श्रद्धानंद एक ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनसे यह सीखा जा सकता है कि जब चाहो सुधर सकते हो और अच्छा बन सकते हो । एक भोगी ,विलासी युवा महर्षि दयानन्द सरस्वती जी से कुछ प्रश्न करता है और उत्तर पाकर कहता है स्वामी जी! आपके सामने शंका तो खत्म हो गया पर ईश्वर पर विश्वास नहीं हो रहा है। स्वामी जी कहते हैं जब ईश्वर की कृपा होगी तभी तुम विश्वास कर पाओगे। बस अच्छा काम करते रहो । जीवन जीने का यही रहस्य है कि हम अच्छे रहें, अच्छा काम करें बाकी परमात्मा पर छोड़ दें।

आज आर्यसमाज के संरक्षक श्री शत्रुघ्न लाल गुप्ता जी, संरक्षिका श्रीमती सुशीला गुप्ता जी, मंत्री अजय आर्य जी , डी ए वी नंदराज के प्राचार्य डॉ रविप्रकाश तिवारी जी, कोषाध्यक्ष श्री संजय आर्य जी , पंडित विमलेंद्र जी, पंडित प्रद्युम्न जी , श्री पूर्णचंद आर्य , श्री पवन मिश्र आदि उपस्थित थे । सभी कार्यक्रमों का संचालन श्री अशोक कुमार पाठक ने किया। अंत में विद्वानों को शाॅल आदि देकर सम्मानित किया गया। समाज के प्रधान श्री राजेन्द्र आर्य जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया और शांति पाठ के साथ कार्यक्रम समाप्त हो गया।

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