
रांची: पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन, साउथ छोटानागपुर की वार्षिक जनरल मीट सोमवार को कटहल मोड़ स्थित लाल गुटवा बैंक्वेट हॉल में हुई। रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, लोहरदग्गा के 200 से अधिक डीलरों ने तेल कंपनियों की सप्लाई नाकामी और मनमानी पर आक्रोश जताया।
अध्यक्ष राजहंस मिश्रा ने कहा, “डीलर एडवांस पैसा जमा कर रहा है, फिर भी पंप ड्राई पड़े हैं। पहले 3 दिन का स्टॉक हाथ में रहता था, अब 3 से 4दिन बीत जाते हैं और तेल नहीं आता। ये लापरवाही न डीलरों को अव्यवस्थित कर रही है।।
उन्होंने कहा की”कंपनियां रोज मैसेज करती हैं – स्टॉक की कमी नहीं। पर ग्रामीण और हाईवे के पंप हफ्ते भर बंद हैं। उपभोक्ता लाइन में, डीलर बदनाम। मॉनिटरिंग पूरी तरह फेल है।”
बैठक के मुख्य मुद्दे
1. सप्लाई ठप एडवांस के बाद भी 3-4 दिन नो सप्लाई। डिपो पर 7-8घंटे लाइन। इंडेंट सिस्टम ध्वस्त।
2. कमीशन शोषण पेट्रोल-डीजल के दाम दोगुने, कमीशन 10 साल से वही। पंप चलाना घाटे का धंधा।
3. पारदर्शिता शून्य कंपनियों ने डीलर से संवाद बंद कर दिया। स्टॉक की सच्चाई छिप रही है। कम्युनिकेशन गैप से हो रही डीलरो को दिक्कत।
4. उपभोक्ता परेशान प्लास्टिक गैलन/बोतल बैन से किसान, अस्पताल, स्कूल, होटल का जनरेटर बंद। सिर्फ पेसो जेरिकेन की जिद पर पंपों पर रोज झगड़ा। इस पर उचित मार्गदर्शन दे ऑयल कंपनियां।
राजहंस मिश्रा ने चेताया, “पारदर्शी काम नहीं हुआ तो आंदोलन रूप रेखा तय होगा। डीलर राष्ट्र सेवा कर रहा है, भिखारी नहीं। सम्मान और व्यवहारिक नीति दो।”
मीटिंग में 5 सूत्री मांग पत्र तेल कंपनियों को सौंपने का निर्णय लिया गया। डीलरों का एक स्वर – “अब आश्वासन नहीं, एक्शन चाहिए।”
मंच संचालन मानस सिन्हा ने किया।
उपस्थित रहे नीरज भट्टाचार्य, पूनम तिग्गा, कमलेश सिंह, सुदीप तिग्गा, विनीत लाल, अपूर्व पोद्दार, कुणाल कच्छप, दीपक, अमित सोनी, सुबोध दुबे, विनोद रंजन, निपुण मृणाल, प्रशांत चौधरी, प्रमोद कुमार ,राहुल जायसवाल सहित 5 जिलों के 200 अधिक डीलर।

