रामगढ़: जिले के सिदो-कान्हू मैदान में सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदना का एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला. हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर 101 कमजोर वर्ग की बेटियों का भव्य सामूहिक विवाह पूरे राजसी ठाठ-बाट और वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ. यह कार्यक्रम न केवल विवाह आयोजन था, बल्कि ‘बेटियां बोझ नहीं, गौरव है’ कहावत चरितार्थ हुआ है.

इस भव्य आयोजन की शुरुआत लग्जरी गाड़ियों में निकाली गई बारात से हुई. विवाह की सभी रस्में कोलकाता के प्रसिद्ध पंडित राघव की देखरेख में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई गई. मंच पर जहां मंत्र गूंज रहे थे, वहीं नीचे हजारों लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया. कार्यक्रम में सांसद मनीष जायसवाल एक अभिभावक के रूप में नजर आए. उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के जरूरी सामान के साथ-साथ एक-एक टोटो वाहन भी भेंट किया है, ताकि विवाह के बाद उनकी आजीविका और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके.
भी उपस्थित रहे. राज्यपाल ने कहा कि सांसद मनीष जायसवाल द्वारा 101 बेटियों का सामूहिक विवाह कराना अत्यंत सराहनीय और नेक पहल है. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि ‘मैं उन्हें बधाई देता हूं और कामना करता हूं कि वे आगे भी समाज के लिए ऐसे ही प्रेरणादायक कार्य करते रहें’.
इस मौके पर सांसद मनोज तिवारी ने कार्यक्रम की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि हजारीबाग को मनीष जायसवाल जैसे सांसद मिले हैं. मनोज तिवारी ने कहा, ‘ऐसी बेटियां, जो यह सोच भी नहीं सकती थीं कि उनका विवाह कैसे होगा, कहां होगा या होगा भी या नहीं. आज उनकी राजसी शादी हो रही है. खुद महामहिम राज्यपाल की उपस्थिति में, पूरे विधि-विधान, विद्वान पंडितों और संस्कृत मंत्रोच्चार के साथ यह आयोजन हो रहा है, जो कई संपन्न घरों में भी नहीं दिखता’.

सांसद मनोज तिवारी ने इस विवाह कार्यक्रम के लिए सांसद मनीष जायसवाल का धन्यवाद व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उद्देश्य यहां साकार होता दिख रहा है. वहीं सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि इससे पहले वे हजारीबाग में 25 जोड़ों और 101 जोड़ों का सामूहिक विवाह करा चुके हैं और रविवार को रामगढ़ में 101 जोड़ों का विवाह कराना उनके लिए गर्व का विषय है.

कमजोर बेटियों को सुरक्षा देना प्राथमिकता है: मनीष जायसवाल

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि समाज की कमजोर बेटियों को सम्मान और सुरक्षा देना उनकी प्राथमिकता है. हजारीबाग सांसद ने कहा कि यह एक सांस्कृतिक आयोजन है. समाज के बीच मैसेज है. बेटियां हमारे लिए मान है, सम्मान है. सांसद ने कहा कि सब मिलकर एक बेटी की भी शादी कराए तो जो सपना है ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ’ का, वह साकार होगा. बेटियां सशक्त होंगी तो हमारा समाज सशक्त होगा और इसी कड़ी में हम आगे बढ़ रहे हैं.

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