
विश्व हिंदू परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल महामहिम श्री संतोष कुमार गंगवार को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा आगामी दिनों में बकरीद (ईद-उल-अजहा) का त्योहार के नाम पर कुछ असामाजिक तत्वों और तस्करों द्वारा कानून का उलंघन करते हुए झारखण्ड के सभी जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से प्रतिबंधित गौवंशिये पशुओं (गाय, बैल, बछड़ा, ऊंट आदि) की तस्करी और उनकी हत्या किए जाने की प्रबल संभावनायें है। प्रतिबंधित गौवंशिये पशुओं को बध करना ‘झारखंड गौवंश हत्या निषेध अधिनियम, 2005’ की धाराओं का घोर उल्लंघन है। इस अधिनियम के तहत झारखंड राज्य में गौवंशिये पशु का वध, मांस की बिक्री या इसके परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध है और ऐसा करना एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है। यदि त्योहार के दौरान ऐसी अवैध गतिविधियां होती हैं, तो इससे न केवल कानून का उल्लंघन होगा, बल्कि क्षेत्र की सांप्रदायिक सौहार्द, शांति और कानून- व्यवस्था भी पूरी तरह से बिगड़ सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और प्रतिबंधित गौवंशिये पशुओं की रक्षा हेतु झारखण्ड के सभी जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों, मुख्य चौराहों, हाट- बाजारों और अंतर-राज्यीय/अंतर-जिले सीमाओं (Border Checkposts) पर पुलिस की विशेष गश्ती बढ़ाने, वाहनों की सघन चेकिंग कर प्रतिबंधित गौवंशिये पशुओं के अवैध परिवहन को रोकने, अवैध रूप से संचालित होने वाले बूचड़खानों को चिन्हित कर बंद कराने एवं अधिनियम का उल्लंघन कर प्रतिबंधित गौवंशिये पशुओं का बध / हत्या करने वाले अथवा इसमें संलिप्त पाए जाने वाले तस्कर के खिलाफ त्वरित प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें कानूनन सख्त से सख्त सजा दिलाने के आदेश-निर्देश देने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल में विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु (झारखण्ड-बिहार), प्रांत उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, प्रांत बजरंग दल संयोजक रंगनाथ महतो, महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी शामिल थे।

