बुर्के में पुलिस की तैनाती, शरिया की तरफ राज्य को धकेलने की तैयारी।

रांची। नगर निकाय चुनाव को लेकर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अपने केंद्रीय कार्यालय में पत्रकार वार्ता की और राज्य के शासन प्रशासन पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि लाखों परिवारों के मतदान केद्रों को साजिश के तहत इधर-उधर किया गया है ताकि मतदान का काम बाधित हो सके। राज्य की शासन व्यवस्था मतदान केंद्रों पर बुर्के में पुलिस की तैनाती करके राज्य को संविधान से हटकर शरिया कानून की तरफ धकेलने का प्रयास कर रही है।
श्री सेठ ने कहा कि रांची सहित पूरे झारखंड में हो रहे नगर निकाय चुनाव का श्रेय सिर्फ और सिर्फ रांची से भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी श्रीमती रोशनी खलखो को जाता है। राज्य सरकार की मंशा यह चुनाव कराने की बिल्कुल नहीं थी। रोशनी ने माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और लंबी लड़ाई लड़ी। तब आज झारखंड के हर नगर निकाय को यह अवसर मिला है कि वह अपने विकास का नया अध्याय लिखे।
अब चूंकि राज्य सरकार की मंशा चुनाव कराने की नहीं थी, इसलिए वो कदम-कदम पर इस चुनाव को बाधित करने का काम कर रही है।
इस कड़ी में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है कि एक ही परिवार से जुड़े सदस्यों का बूथ अलग-अलग वार्डों में कर दिया गया है। जबकि आज से पहले परिवार के सभी सदस्य एक ही बूथ पर अपना वोट डालते थे। खुद मेरे परिवार में मेरा मतदान केंद्र कोई और है, मेरी पत्नी का मतदान केंद्र कोई और है। ऐसा राज्य के लाखों परिवारों के साथ जानबूझकर किया गया है।
इसके पीछे राज्य सरकार और प्रशासन की मंशा यही है कि मतदान का प्रतिशत कम से कम हो। एक तरफ हम टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ रहे हैं तो दूसरी तरफ राज्य की सरकार बैलेट पेपर पर मतदान करवा रही है ताकि मतदान बाधित हो सके। ऐसी सरकार की मंशा पर 23 फरवरी को पूरे राज्य की जनता गहरा चोट करने वाली है। चाहे राज्य का शासन-प्रशासन चुनाव को बाधित करने का जितना प्रयास करे, हर नगर निकाय क्षेत्र से भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की रिकॉर्ड जीत सुनिश्चित होगी क्योंकि यह अब जनता का चुनाव बन चुका है।
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि हजारीबाग में मुस्लिम बहुल बूथों पर बुर्का पहनाकर पुलिस की तैनाती की जाएगी। मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि झारखंड का शासन प्रशासन राज्य को किस ओर ले जाना चाह रहा है। क्या बुर्का संविधान से ऊपर हो गया है? यह राज्य की शासन व्यवस्था को जवाब देना चाहिए कि वह राज्य को भारत के संविधान के अनुसार चलना चाहते हैं या शरिया के अनुसार?
राज्य का शासन प्रशासन यह समझने की भूल नहीं करे कि जनता कमजोर है। उनके तुष्टिकरण वाले इस फैसले से जनता का आक्रोश बढ़ा है। राज्य की जनता इसे इस्लामिक स्टेट नहीं बनने देगी। संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से हो रहे चुनाव में आप शरीयत का कानून लागू नहीं कर सकते।
यह संविधान की शपथ लेकर वर्दी पहनने वाले पुलिसकर्मियों के कर्तव्यों पर भी कुठाराघात है। इससे पुलिसकर्मियों का हौसला टूटेगा। श्री सेठ ने कहा कि मैं रांचीवासियों से अपील करता हूं कि रांची के सर्वांगीण विकास के लिए, रांची को सर्वश्रेष्ठ शहर बनाने के लिए भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी और रांची की बेटी रोशनी खलखो को अपना आशीर्वाद प्रदान करें। रोशनी सिर्फ मेयर की प्रत्याशी नहीं है, वह रांची की जनता का विश्वास है। रांची की जनता की आशा है। रोशनी के नेतृत्व में रांची का सतत विकास तय है। रोशनी रांची की ऊर्जावान मेयर साबित होगी, जिसका संकल्प रांची को रोशन करना है। आपका नाम चाहे किसी भी बूथ में हो, वोट देने जरूर जाएं और गलत मंशा से चुनाव कराने वालों को माकूल जवाब दें।

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