रांची: माननीय न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश पर एवं माननीय सदस्य सचिव झालसा, कुमारी रंजना अस्थाना एवं माननीय न्यायायुक्त, रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में तथा डालसा सचिव राकेश रौशन की मौजुदगी में 90 दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन होना सुनिश्चित हुआ है। इसी आलोक में आज 
डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने उपस्थित लोगों को माननीय झालसा द्वारा संचालित योजना निरोगी भवः के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट निरोगी भव मुख्य रूप से झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने, भूख को कम करने और कुपोषण से बचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी प्रोजेक्ट है। इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य समाज के सबसे कमजोर, गरीब और वंचित वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि पैसों की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे।
एलएडीसी सदस्य सौरभ कुमार पाण्डे ने इस योजना के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी उन्होंने कहा कि इसके तहत चिन्हित लाभार्थियों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में पूरी तरह से कैशलेस और मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। इस प्रोजेक्ट के तहत अस्पताल में भर्ती होने से लेकर दवाइयों, डायग्नोस्टिक्स (जांच), डॉक्टर की फीस और आईसीयू तक के खर्च शामिल हैं। मौके पर ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची की ओर से के प्रावधानों के बारे में तथा प्री-लिटिगेषन, लोक अदालत, राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी दी गयी तथा उपस्थित पीएलवी के कार्यों के बारे में ग्रामीणों को बतलाया गया और इनकी कार्यस्थल थाना, प्रखण्ड, पंचायत आदि स्थानों पर है। इसकी जानकारी दी गयी।

