
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकारों की उस परंपरा पर गंभीर सवाल उठाए, जिसमें नियमित पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के बजाय लंबे समय तक ‘एक्टिंग DGP’ की तैनाती कर दी जाती है। कोर्ट ने साफ कहा कि यह तरीका न केवल गलत है, बल्कि इससे योग्य और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अधिकार भी प्रभावित होते हैं।
तय प्रक्रिया से बचने का आरोप
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें UPSC को नाम भेजने से बचने के लिए एक्टिंग नियुक्तियों का सहारा लेती हैं। इससे चयन की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर असर पड़ता है। कोर्ट के मुताबिक, यह तय नियमों को कमजोर करने जैसा है।
UPSC को राज्यों पर कार्रवाई का अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में UPSC को अधिकार दिया कि वह राज्य सरकारों को समय पर DGP नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजने को लिखे। यदि राज्य ऐसा नहीं करते हैं, तो UPSC प्रकाश सिंह मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में राज्यों को जवाबदेही तय करनी होगी।
तीन नामों के पैनल से ही होगी नियुक्ति
कोर्ट ने दोहराया कि किसी भी राज्य में DGP या पुलिस प्रमुख की नियुक्ति UPSC द्वारा शॉर्टलिस्ट किए गए तीन वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से ही की जानी चाहिए। इससे योग्यता और अनुभव को प्राथमिकता मिलती है।
तेलंगाना मामले से जुड़ी है सुनवाई
यह पूरा मामला तेलंगाना हाई कोर्ट के एक आदेश से जुड़ा था, जिसमें UPSC को राज्य सरकार द्वारा भेजे गए नामों पर कार्रवाई करने को कहा गया था। इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
UPSC ने देरी को बताया गंभीर चूक
UPSC ने कोर्ट को बताया कि तेलंगाना की पिछली DGP अनुराग शर्मा वर्ष 2017 में रिटायर हो चुकी थीं, लेकिन राज्य सरकार ने समय पर कोई सिफारिश नहीं भेजी। आखिरकार अप्रैल 2025 में प्रस्ताव भेजा गया, जिसे आयोग ने गंभीर लापरवाही बताया।
केवल तेलंगाना नहीं, कई राज्य कर रहे देरी
UPSC ने यह भी कहा कि तेलंगाना अकेला राज्य नहीं है। कई राज्य सरकारें DGP नियुक्ति को लेकर लंबे समय तक देरी करती हैं, जिससे वरिष्ठ अधिकारियों के करियर पर नकारात्मक असर पड़ता है।
राज्यों को कार्रवाई के लिए बाध्य करना जरूरी
सुप्रीम कोर्ट ने UPSC की चिंता से सहमति जताते हुए कहा कि केवल आपत्ति जताने से स्थिति नहीं सुधरेगी। राज्य सरकारों को तय समयसीमा में कार्रवाई के लिए बाध्य करना जरूरी है।
चार सप्ताह में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश
कोर्ट ने UPSC को तेलंगाना में DGP चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि सभी राज्य सरकारें जल्द से जल्द सिफारिशें भेजें। UPSC को यह प्रक्रिया चार सप्ताह के भीतर पूरी करनी होगी और चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया जाएगा।

