रांची/खूंटी: सरकारी खजाने में सेंधमारी कर लाखों रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है. सारिदकेल तोरपा स्थित SIRB-02 वाहिनी मुख्यालय की लेखा शाखा में हुए इस वित्तीय फर्जीवाड़े पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच टीम ने मुख्य खाताधारक को दबोच लिया है, जबकि एक अन्य मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है. गिरफ्तार खाताधारक पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के घोडाटाप निवासी 26 वर्षीय शुभम सिंह है जबकि उसका चचेरा भाई अजित सिंह मुख्य आरोपी है.
इस पूरे सरकारी राशि के दुरुपयोग का खुलासा जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की एक त्रिस्तरीय उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट के बाद हुआ. मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट विपिन चंद्र विश्वास, ट्रेजरी ऑफिसर शिव कुमार सिंह और अपर समाहर्ता की टीम ने संयुक्त रूप से गहनता से जांच की थी. जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि सरकारी नियमों को ताक पर रखकर आरोपी के बैंक खाते में अवैध रूप से 22 लाख 69 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए.
तत्कालीन उपायुक्त सौरभ भुवानिया के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
जांच रिपोर्ट में गबन की पुष्टि होने के बाद, खूंटी के तत्कालीन उपायुक्त सौरभ भुवानिया के सख्त निर्देश पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी. खूंटी के कोषागार पदाधिकारी के लिखित आवेदन के आधार पर खूंटी थाना में बीते 21 मई को कांड संख्या-72/26 दर्ज की गई. यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) की धारा 316(2), 316(5), 318(4), 61(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खूंटी के एसपी ऋषभ गर्ग ने फौरन एक्शन लिया. उन्होंने डीएसपी मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया. एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गबन की राशि खपाने वाले मुख्य खाताधारक को धर दबोचा.
आरोपी ने स्वीकार की अपनी संलिप्तता
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी शुभम सिंह ने सरकारी राशि के गबन में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. शुभम ने खुलासा किया कि उसके चचेरे भाई अजित सिंह (जो लेखापाल है) ने उसके नाम से बैंक में खाता खुलवाया था. शातिर अजित ने उस खाते में अपना मोबाइल नंबर डाल रखा था ताकि ट्रांजेक्शन का पता किसी और को न चले. शुभम ने बताया कि उसे खाते में होने वाले लाखों के लेन-देन की सटीक जानकारी तो नहीं थी, लेकिन इस खाते के इस्तेमाल के बदले अजित उसे समय-समय पर कमीशन के तौर पर कुछ रुपये दे दिया करता था. खूंटी थाना प्रभारी अशोक सिंह ने बताया कि आरोपी खाताधारक और मुख्य आरोपी अजित सिंह दोनों चचेरे भाई हैं और लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे.
खूंटी डीएसपी मंगल सिंह जामुदा ने गिरफ्तारी की पुष्टि
खूंटी डीएसपी मंगल सिंह जामुदा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि इस घोटाले के मुख्य मास्टरमाइंड और लेखापाल अजित सिंह को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. फिलहाल गिरफ्तार आरोपी शुभम को न्यायिक हिरासत में भेजने की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. छापेमारी और कार्रवाई को अंजाम देने वाली एसआईटी टीम में डीएसपी मंगल सिंह जामुदा, खूंटी थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह, पुअनि आदित्य कुमार समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.

