
गुरु नानक सत्संग सभा, कृष्णा नगर कॉलोनी गुरुद्वारा साहिब में पंचम पातशाह धन धन श्री गुरु अर्जुन देव जी महाराज के शहीदी गुरुपर्व को मुख रखते हुए स्त्री सत्संग सभा द्वारा पिछले 21 दिनों से श्री सुखमनी साहिब जी का पाठ रोजाना पढ़ा जा रहा है. शहीदी गुरुपर्व को मुख रखते हुए 10 मई से श्री सुखमनी साहिब जी के चालीस पाठों की लड़ी चालू है.सत्संग सभा की श्रद्धालुओं ने आज दोपहर 3:30 बजे से 4:45 बजे तक श्री सुखमनी साहिब जी का पाठ सामूहिक रूप से उच्चारण कर पढ़ा. तत्पश्चाप स्त्री सत्संग सभा की गीता कटारिया,शीतल मुंजाल,रेशमा गिरधर,नीता मिड्ढा एवं इंदु पपनेजा ने ” थिर घर बैसाहो हरिजन पियारे….” एवं ” जपयौ जिन् अरजुन देव गुरू फिर संकट जोन गरभ न आयौ…..” शबद गायन किया. श्री अनंद साहिब जी के पाठ,अरदास,हुकुमनामा एवं कढ़ाह प्रशाद वितरण के साथ दीवान की समाप्ति शाम 5:30 बजे हुई.
सत्संग सभा के मीडिया प्रभारी नरेश पपनेजा ने बताया कि गुरुद्वारा श्री गुरुनानक सत्संग सभा,कृष्णा नगर कॉलोनी में श्री गुरु अर्जुन देव जी महाराज के शहीदी गुरुपर्व के उपलक्ष्य में हर वर्ष चालीस दिन लगातार सामूहिक सुखमनी साहिब जी का पाठ पढ़ा जाता है.इस वर्ष पाठों की लड़ी की शुरुआत दस मई को हुई ओर समापन 18 जून को होगा.इस वर्ष भी रोजाना सैंकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा दोपहर 3:30 बजे से शाम 5 बजे तक सामूहिक रूप से सुखमनी साहिब जी का पाठ पढ़ा जा रहा है.समाप्ति के बाद सभा द्वारा संगत के लिए चाय प्रसाद की सेवा की जा रही है. साथ ही जानकारी दी कि शहीदी गुरुपर्व 18 जून को है,परंतु गुरु नानक सत्संग सभा द्वारा शहीदी गुरुपर्व के उपलक्ष में 20 और 21 जून को दो दिवसीय विशेष दीवान सजाया जाएगा, जिसमें पहला दीवान 20 जून, शनिवार को रात 8 से 11 बजे तक तथा दूसरा दीवान 21 जून,रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक सजाया जाएगा, जिसमे शिरकत करने के लिए सिख पंथ की महान शख्शियत बीबी जसप्रीत कौर पटियाला वाले विशेष रूप से पधार रही हैं.दोनों दीवानों की समाप्ति के उपरांत गुरु का अटूट लंगर भी चलाया जाएगा.
सत्संग सभा के अध्यक्ष अर्जुन देव मिड्ढा ने शहर के तमाम सिख धर्मावलंबियों से शहीदी गुरुपर्व में शामिल होने का आह्वान किया है.
कार्यक्रम में गीता कटारिया,बबली दुआ, मंजीत कौर, बिमला मिड्ढा,शीतल मुंजाल,ममता थरेजा,तीर्थी काठपालिया,रेशमा गिरधर,नीता मिढ़ा,इंदु पपनेजा,बबिता पपनेजा,श्वेता मुंजाल,अमर मुंजाल,गोव खुशबू मिढ़ा, पूनम मिढ़ा समेत अन्य शामिल थे.

