Close Menu
Just PostJust Post
  • आज की बड़ी खबरें
  • झारखंड
  • बिहार
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Facebook X (Twitter) Instagram
Just PostJust Post
Facebook X (Twitter) Instagram WhatsApp
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Just PostJust Post
  • आज की बड़ी खबरें
  • झारखंड
  • बिहार
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Home»राज्य»बिहार»बिहार में नजर आए लाल छाती वाले दुर्लभ तोते, दक्षिण-पूर्व एशियाई में पाए जाते
बिहार

बिहार में नजर आए लाल छाती वाले दुर्लभ तोते, दक्षिण-पूर्व एशियाई में पाए जाते

जस्ट पोस्टBy जस्ट पोस्टDecember 8, 2025No Comments2 Mins Read1 Views
Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Threads Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Threads Telegram WhatsApp Copy Link

पटना। पर्यावरणविदों, पक्षी प्रेमियों और स्थानीय जैव विविधता पर प्रकाश डालने वाले एक समूह ने एनआईटी-पटना परिसर में लाल छाती वाले तोते के दो जोड़े देखे। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की ये प्रजातियां पहली बार बिहार में नजर आईं। समूह के सदस्य और वीर कुंअर सिंह विश्वविद्यालय के शोधार्थी निशांत रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ की लाल सूची में सूचीबद्ध लाल छाती वाले तोते (सिटाकुला एलेक्जेंडरी) के दो जोड़े एनआईटी-पी परिसर में घोंसले के साथ नजर आए। इन पक्षियों को एनआईटी-पी और आसपास के पटना साइंस कॉलेज परिसरों के बीच उड़ते देखा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पटना विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग की प्रमुख शहला यास्मीन, जिन्होंने कॉलेज परिसर में पहली बार इन पक्षियों को देखा। बिहार में यह वास्तव में इन्हें पहली बार देखा गया था। यास्मीन ने बताया कि लाल छाती वाला तोता दक्षिण-पूर्व एशिया का मूल निवासी है और इसकी छाती पर बड़े लाल धब्बे से इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। इसे मूंछ वाला तोता भी कहा जाता है।

भारतीय पक्षी संरक्षण नेटवर्क (आईबीसीएन) के राज्य समन्वयक और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य अरविंद मिश्रा ने भी इस दृश्य पर आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि बिहार में इन्हें पहले कभी कहीं नहीं देखा। इस दुर्लभ दृश्य ने स्वाभाविक रूप से पक्षी प्रेमियों में उत्साह पैदा कर दिया है, और वे इस क्षेत्र में और भी पक्षी देखने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रजाति को अपने अधिकांश क्षेत्र में अपने आवास का काफी नुकसान उठाना पड़ा है, और वर्ष 2000 से 2023 तक 16फीसदी वन क्षेत्र नष्ट हो गया है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा प्रभाव इस प्रजाति के घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से उत्पन्न हुआ है।

Share. Facebook Twitter Email Threads Telegram WhatsApp Copy Link
जस्ट पोस्ट
  • Website

Related Posts

खान सर को अंतरिम राहत, गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक; 30 जून को होगी अगली सुनवाई

June 9, 2026

पवन सिंह बनेंगे MLC : भाजपा ने प्रत्याशियों के नामों का किया ऐलान, जदयू से निशांत सहित इन्हें मिला टिकट

June 5, 2026

तेज प्रताप ने ठुकराया तेजस्वी का MLC सीट का ऑफर, राजद नहीं, जनशक्ति जनता दल से एमएलसी बनने पर अड़े

May 30, 2026

रितु जायसवाल ने थामा BJP का दामन

May 26, 2026

पटना पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाया बड़ा कदम..”शक्ति सुरक्षा दल” हुई सक्रिय..संपर्क नंबर जारी..

May 14, 2026

पटना के सम्राट कैबिनेट में तीन मुख्यमंत्री के बेटे समेत निशांत, दिलीप और श्रेयसी ने ली शपथ, कुल 32 बने मंत्री

May 7, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

मोदी सरकार के 12 साल उपलब्धियां नहीं 24 गबनों का कार्यकाल रहा : सुप्रियो भट्टाचार्य

June 29, 2026

राम और हनुमान का चरित्र त्याग, भक्ति और आदर्श का शिखर: मुनि श्री सुयश सागर जी

June 29, 2026

दिल्ली में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुई मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

June 29, 2026

खनन संविदाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन

June 29, 2026

बुढ़मू में महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

June 29, 2026
© 2026 Just Post. Designed by Launching Press.
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Terms and Conditions
  • AdSense Policy

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.