चाईबासा: चक्रधरपुर डिविजन को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए आज गुरुवार को प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए किए गए विशिष्ट प्रयासों के लिए इस डिविजन के रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह चक्रधरपुर के डीआरएम मीटिंग हॉल में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक तरुण हुरिया ने की। इस अवसर पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी एवं वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस आयोजन का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण में रेलवे की भूमिका और वन्यजीव सुरक्षा के प्रयासों को सराहना देना था।

12 ट्रेनों को रोककर बचाई गई 22 हाथियों की जान

हाल ही में हुई एक घटना में, बिसरा और बोंडामुंडा के बीच केबिन ‘ए’ सेक्शन में 22 हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चक्रधरपुर मंडल ने त्वरित निर्णय लेते हुए 12 लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। इस पहल से संभावित वन्यजीव हादसे को रोका गया और सभी हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हुई। चक्रधरपुर मंडल हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित है, जो देश के सबसे व्यस्त रेलवे मार्गों में शुमार है। यह क्षेत्र झारखंड और ओडिशा के घने वन क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है, जहां वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ट्रेनों का संचालन नियंत्रित किया जाता है ताकि हाथियों एवं अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित रूप से पार करने का अवसर मिल सके।

इस सम्मान समारोह में अंतर-विभागीय सहयोग की खूब प्रशंसा की गई और यह संदेश दिया गया कि भारतीय रेल मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व और संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह पहल ओडिशा और झारखंड के हाथी कॉरिडोर क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है। मंडल प्रशासन लगातार आवाजाही की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सतर्कता और एहतियाती उपाय अपनाता रहा है, ताकि वन्यजीवों के साथ मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस प्रकार, चक्रधरपुर डिविजन का यह प्रयास वन्यजीव संरक्षण और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय का प्रतीक बन गया है।

 

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version