पाकुड़: जिले में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती दिलाने में कर्मियों और पदाधिकारियों की टीम के सफल प्रयास ने पाकुड़ को एक अहम मुकाम पर पहुंचा दिया है. प्रोजेक्ट समावेश के तहत युवा, ट्रांसजेंडर और दिव्यांग, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए झारखंड के एकमात्र पाकुड़ जिले को नेशनल स्तर पर अलग पहचान मिली है.

राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित हुए पाकुड़ डीसी

जिला प्रशासन के सामूहिक प्रयास की बदौलत न केवल पाकुड़ बल्कि यहां के डीसी मनीष कुमार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवसीय के अवसर पर सम्मानित किया है. यह सम्मान जिले में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती दिलाने में बूथलेवल अधिकारियों, बीएलओ प्रयवेक्षक, निर्वाची पदाधिकारी, सहायक निर्वाची पदाधिकारी और निर्वाचन कार्य में जुड़े कर्मियों और पदाधिकारियों के सामूहिक प्रयास की बदौलत प्रोजेक्ट समावेश के तहत ट्रांसजेंडर, युवा मतदाता और दिव्यांग मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए किये गये सामूहिक प्रयास के लिए राष्ट्रपति ने पाकुड़ जिले के डीसी मनीष कुमार को सम्मानित किया है.
दरअसल, पाकुड़ जिले के आम और खास लोगों के बीच जागरूकता अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चलाया गया. जिसमें दिव्यांग, युवा और ट्रांसजेंडर को जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अभियान को गांव की सखी दीदियों, पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला. यही वजह रही कि पाकुड़ जैसे पिछड़े जिले को राष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में न केवल एक अलग पहचान मिली है, बल्कि राष्ट्रपति के हाथों सम्मान होने का गौरव भी प्राप्त हुआ है.

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version