महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (Shivsena UBT) गुट की धड़कनें बढ़ाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज यानी रविवार को मुंबई स्थित अपने घर मातोश्री पर पार्टी के सभी सांसदों की एक बेहद महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक बुलाई थी। लेकिन इस संवेदनशील बैठक के शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही शिरडी लोकसभा सीट से सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे पहुंच से बाहर हो गए। वहीं, दो और सांसद इसमें शामिल होने के लिए नहीं पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में मौजूद अपने सभी सांसदों को तुरंत मुंबई पहुंचने के निर्देश दिए थे। यह बैठक दोपहर साढ़े बारह बजे ‘मातोश्री’ पर आयोजित की गई है। आगामी राजनीतिक परिस्थितियों और संसद के आगामी सत्र को लेकर रणनीति बनाने के लिए यह बैठक बुलाई गई है।

सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे का मोबाइल फोन सुबह से ही लगातार बंद आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वाकचौरे पिछले दो दिनों से अपने परिवार के साथ कहीं बाहर गए हुए हैं। शिरडी स्थित उनके आवास पर भी फिलहाल कोई मौजूद नहीं है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि उनके निजी सहायक भी उनके साथ नहीं हैं और उनका भी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में वाकचौरे अचानक कहां गायब हो गए हैं, इसे लेकर सस्पेंस गहरा गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होते हैं या नहीं।

सूत्रों का कहना है कि संजय जाधव और नागेश पाटिल अष्टिकर सहित इन तीनों ने अपनी पार्टी को बता दिया है कि कुछ जरूरी वजहों से वे आज उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। आपको बता दें कि लोकसभा में उद्धव की शिवसेना के 9 और राज्यसभा में इकलौते संजय राउत बचे हैं। इनमें से कितने लोग बैठक में शामिल होंगे, यह एक बड़ा सवाल है।

शिंदे का ‘ऑपरेशन टाइगर’
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर जोरदार चर्चाएं चल रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी ऑपरेशन के डर से उद्धव ठाकरे ने यह आनन-फानन में बैठक बुलाई है। लोकसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट शिवसेना यूबीटी के कुल 9 सांसद जीतकर आए हैं। पिछले कुछ दिनों से सत्तापक्ष और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं द्वारा लगातार यह दावा किया जा रहा है कि उद्धव गुट के 9 में से कम से कम 7 सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। इन सांसदों के पाला बदलकर शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों ने बाजार गर्म कर दिया है। यही कारण है कि उद्धव ठाकरे अपने कुनबे को एकजुट रखने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।
इन सांसदों पर टिकी हैं उद्धव ठाकरे की नजरें
उद्धव ठाकरे की इस अग्निपरीक्षा वाली बैठक में जिन लोकसभा सांसदों को उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है उनमें संजय देशमुख, नागेश पाटील, संजय जाधव, राजाभाऊ वाजे, अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय दीना पाटील, भाऊसाहेब वाकचौरे और ओमराजे निंबालकर शामिल हैं।

यदि भाऊसाहेब वाकचौरे इस बैठक में नहीं पहुंचते हैं, तो शिवसेना (यूबीटी) के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हो सकता है और महाराष्ट्र में एक बार फिर शिवसेना के दो फाड़ होने जैसी स्थिति की सुगबुगाहट तेज हो जाएगी। फिलहाल, मातोश्री पर हलचल बढ़ गई है और राजनीतिक पंडितों की नजरें पल-पल बदल रहे घटनाक्रम पर टिकी हैं।

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