धनबाद: केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे बुधवार को डीजीएमएस यानी खान सुरक्षा महानिदेशालय के 125वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत हुई। इस दौरान मंत्री ने मजदूर हितों की बात करते हुए उनकी सुरक्षा, सामाजिक उत्थान के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में माइनिंग कार्य की सराहना की। मंच से अपने संबोधन में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि माइनिंग का कार्य आजादी के पूर्व से चला आ रहा है।
उस वक्त मजदूर अपने हाथों से पत्थर को काटा करते थे। लेकिन अब टेक्नोलॉजी आ गई है। हालांकि अब तक कई लोगों ने माइनिंग के दौरान अपनी जान गंवा दी है। इसलिए भारत सरकार सुरक्षित माइनिंग पर जोर दे रही है।देश के विकास में मजदूरों का योगदानः शोभा करंदलाजे उन्होंने कहा कि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। इसमें मजदूरों का योगदान काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस दौरान अपने प्राण और परिवार को संकट में डालकर माइनिंग कार्य करने वालों लोगों को सिर झुकाकर प्रणाम किया। मंत्री ने कहा कि मजदूर देश के विकास के बारे में सोचते हैं। काम करने के लिए तो कई विभाग हैं, लेकिन वे माइनिंग में काम कर अपने देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। इसलिए पीएम मोदी मजदूरों की सुरक्षा की प्राथमिकता देते हैं।
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि हमारे देश में ब्रिटिश काल का ही लेबर कानून चल रहा था। ब्रिटिशर्स ने अपने हिसाब से श्रम कानून बनाया था। वर्तमान में भारत सरकार ने जो लेबर कोड लाया गया है उसे पहले ही लागू हो जाना चाहिए़ था, लेकिन अब इसे लागू किया गया है। कुछ राज्य इसे मानने से इंकार कर रहे हैं, लेकिन हम सभी को मिलकर लेबर कोड की दिशा में सकारात्मक पहल करने की जरूरत है।


