रांची। दिसंबर का महीना अब अपने शबाब पर है और झारखंड में ठंड ने लोगों का कड़ा इम्तेहान लेना शुरू कर दिया है। सोमवार की सुबह जब राजधानी रांची और आसपास के इलाकों की आँख खुली, तो नजारा किसी हिल स्टेशन से कम नहीं था। विजिबिलिटी इतनी कम कि कुछ मीटर दूर का भी साफ नहीं दिख रहा था। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 5 जिलों में कड़ाके की ठंड का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, वहीं 15 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है।

कांके बना ‘कोल्ड पॉइंट’: 6.2 डिग्री तक गिरा पारा

झारखंड में सर्दी का सबसे क्रूर चेहरा एक बार फिर कांके में देखने को मिला है, जहाँ न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं रांची का मुख्य शहर 9.1 डिग्री पर रहा। पिछले 24 घंटों में राज्य के छह जिलों—गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा और रांची में ‘शीतलहर’ (Cold Wave) जैसे हालात दर्ज किए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते आ रही नम हवाओं और ठंडी सतह के मिलन से यह घना कुहासा बन रहा है, जो धूप की किरणों को धरती तक पहुँचने से रोक रहा है।

कोहरे ने थामी रफ्तार: 8 घंटे लेट हुई ट्रेनें, बस सेवाएं भी बेपटरी

घने कोहरे का सबसे बुरा असर यातायात पर पड़ा है। रेल मार्ग हो या सड़क मार्ग, हर जगह ‘ब्रेक’ लग गया है। जम्मूतवी संबलपुर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 8 घंटे की देरी से चल रही है, जबकि मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस भी घंटों विलंब से रांची पहुँची। यही हाल उत्तर बिहार से आने वाली बसों का है, जो घने कोहरे के कारण रेंगते हुए रांची की सीमा में प्रवेश कर रही हैं। ड्राइवरों का कहना है कि हाईवे पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह जा रही है, जिससे सफर जोखिम भरा हो गया है।

सोमवार को भी नहीं मिलेगी राहत; सावधानी ही बचाव

मौसम केंद्र के बुलेटिन के अनुसार, सोमवार यानी 22 दिसंबर को भी गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा में ठिठुरन बनी रहेगी। हवा में प्रदूषण और धूलकणों के मिलने से कोहरा और भी जहरीला और घना हो रहा है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह के समय घर से बाहर निकलते वक्त गर्म कपड़ों के साथ मास्क का भी प्रयोग करें, क्योंकि कोहरे और प्रदूषण का यह मेल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। फिलहाल, झारखंड वासियों को इस ‘सफेद अंधेरे’ और बर्फीली हवाओं से जल्द राहत मिलती नहीं दिख रही है।

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