
गढ़वा: झारखंड का बूढ़ा पहाड़ फिर सुर्खियों में है. इसबार सुर्खिया नक्सल को लेकर नहीं, बल्कि विकास को लेकर है. क्योंकि झारखंड सरकार का प्रशासनिक महकमा इस पहाड़ का अवलोकन करने वाला है. यह बूढ़ा पहाड़ झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्थित है. यह बूढ़ा पहाड़ तो झारखंड के गढ़वा जिला में पड़ता है, लेकिन जाने का रास्ता सिर्फ छत्तीसगढ़ से ही है.
इस बुढ़ा पहाड़ के एक तरफ लातेहार तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिला और तीसरे तरफ गढ़वा है. जब से यह पहाड़ भाकपा माओवादियों से मुक्त हुआ है, तब से यहां विकास को लेकर सरेकार चिंतित है. तत्कालीन डीसी रमेश घोलप के द्वारा बूढ़ा पहाड़ पर विकास को लेकर एक योजना की शुरुआत की थी. जिसे बूढ़ा पहाड़ डेवलोपमेंट योजना नाम दिया गया था.
बूढ़ा पहाड़ का दौरा करेंगे गृह सचिव
उसी योजना के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस नक्सल मुक्त पहाड़ का दौरा किए थे और कहा था कि इस इलाके को विकसित करेंगे. लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है. करीब चार वर्ष बाद फिर एक बार यह क्षेत्र चर्चा का विषय बन गया है. क्योंकि इस बार झारखंड सरकार के गृह सचिव आला अधिकारियों के साथ इस पहाड़ पर दौरा करने वाले हैं.
गृह सचिव के दौरे के दौरान योजनाओं को लागू करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे. जिसे लेकर जिला प्रशासन तैयारी में जुट गई है. डीसी अनन्य मित्तल ने कहा कि बूढ़ा पहाड़ पर गृह सचिव वंदना दादेल आ रही हैं. बूढ़ा पहाड़ विकास को लेकर बैठक करेंगी. इसी की तैयारी को लेकर गढ़वा जिला प्रशासन ने बैठक की है, ताकि कार्यक्रम में कोई दिक्कत ना हो.
नगर उंटारी उपकारा जल्द होगा चालू: डीसी
झारखंड-यूपी बॉर्डर के निकट नगर उंटारी उपकारा करोड़ों की लागत से 15 वर्षों से बनकर तैयार है. जिला प्रशासन अब इसे चालू करने जा रहा है. इसको लेकर डीसी ने संबंधित जेल अधीक्षक, सुरक्षा, पीएचडीई विभाग, भवन विभाग के साथ बैठक कर जल्द से जल्द सभी कमियों को दूर करने का अल्टीमेटम दिया है. मैनपावर (गार्ड) की व्यवस्था को लेकर चर्चा के दौरान उपायुक्त ने जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि आवश्यक सुरक्षा बल की उपलब्धता के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मांग करने की बात कही है.

