
न्यायालय के समक्ष 45 बंदियों के आवेदन को रख गया, जिसमें 02 बंदियों को किया गया रिहा।
स्वास्थ्य कैंप का आयोजन कर की गयी बंदियों के स्वास्थ्य की जांच
रांची: झारखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायामूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा, सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश तथा माननीय सदस्य सचिव, झालसा कुमारी रंजना अस्थाना एवं माननीय न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा, रांची, अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन म बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा होटवार, राँची में जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
ज्ञत हो कि माननीय न्यायालयों में लंबित वादों के निष्पादन के निमित बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा होटवार, राँची में संसीमित 45 बंदियों का आवेदन जेल अदालत हेतु समर्पित किया गया था। 02 बंदी को जेल अदालत का लाभ प्रदान करते हुए रिहा किया गया।
जेल अदालत के अवसर पर बिरसा मुण्डा केंद्रीय कारा में विधिक जागरूकता कार्यक्रमा का आयोजन किया गया एवं बंदियों को नालसा एवं झालसा के योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी। बंदियों के स्वास्थ्य के जांच के लिए चिकित्सीय शिविर लगाकर बंदियों के स्वास्थ्य की जांच भी गयी।
मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं डालसा सचिव ने कहा कि समय-समय पर बंदियों के लिए जेल में चिकित्सीय शिविर लगाकर बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की जानी चाहिए, जिससे कि वे स्वस्थ और निरोग रहे एवं ससमय उनके बीमारियों को चिन्हित कर उनका समुचित ईलाज किया जा सके।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एस.बी. शर्मा, डालसा सचिव, राकेश रौशन, न्यायिक दण्डाधिकारी, मयंक मलियाज, मनीष कुमार सिंह, अमित गुप्ता एवं रेलवे न्यायिक दण्डाधिकारी, बिजय कुमार यादव, एलएडीसी के सदस्यगण, काराधीक्षक कुमार चन्द्रशेखर, कारापाल, श्लवकुश कुमार, बाड़ा बाबु, मो. सद्दाम हुसैन, बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा होटवार, राँची के काराकर्मी एवं बंदीगण उपस्थित थे।

