लक्जमबर्ग। वेनेजुएला में तेजी से बदलते हालात और अमेरिकी कार्रवाई के बाद भारत ने अपनी चिंता जाहिर की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ कहा कि मौजूदा संकट के बीच सबसे जरूरी है वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
लक्जमबर्ग में एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत वेनेजुएला में हुए हालिया घटनाक्रम को गंभीरता से देख रहा है। उन्होंने कहा कि हालात चाहे जिस दिशा में जाएं, भारत की प्राथमिकता यह है कि आम नागरिक सुरक्षित रहें और देश में स्थिरता बनी रहे। भारत का मानना है कि टकराव के बजाय संवाद ही आगे का रास्ता दिखा सकता है।
विदेश मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि भारत और वेनेजुएला के रिश्ते लंबे समय से अच्छे रहे हैं। भारत चाहता है कि वेनेजुएला के लोग इस संकट से बेहतर हालात में बाहर निकलें और देश में शांति कायम हो।
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही थी। मंत्रालय ने कहा कि काराकास में स्थित भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है। मंत्रालय ने दोहराया कि भारत शांतिपूर्ण समाधान और स्थिरता के पक्ष में है।
गौरतलब है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई के बाद हिरासत में लिया गया है। बताया गया है कि 3 जनवरी को अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत सैन्य कार्रवाई की थी, जिसमें मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां वे अदालत में पेश हुए।
मौजूदा हालात में वेनेजुएला की सत्ता की जिम्मेदारी अंतरिम रूप से डेल्सी रोड्रिग्ज संभाल रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। भारत का रुख साफ है कि किसी भी समाधान का केंद्र वेनेजुएला की जनता की सुरक्षा, शांति और भविष्य होना चाहिए।


