Close Menu
Just PostJust Post
  • आज की बड़ी खबरें
  • झारखंड
  • बिहार
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Facebook X (Twitter) Instagram
Just PostJust Post
Facebook X (Twitter) Instagram WhatsApp
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Just PostJust Post
  • आज की बड़ी खबरें
  • झारखंड
  • बिहार
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Home»Uncategorized»यदि हम अपने बच्चों को सही दिशा देना चाहते हैं, तो हमें स्वयं आदर्श प्रस्तुत करना होगा
Uncategorized

यदि हम अपने बच्चों को सही दिशा देना चाहते हैं, तो हमें स्वयं आदर्श प्रस्तुत करना होगा

जस्ट पोस्टBy जस्ट पोस्टApril 13, 2026No Comments4 Mins Read61 Views
Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Threads Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Threads Telegram WhatsApp Copy Link

अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त तत्वावधान में सामाजिक जीवन में “संस्कार और शुचिता-चर्चा एवं चिंतन” जैसे अत्यंत सामयिक एवं प्रासंगिक विषय पर एक विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन रांची के हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन परिसर में किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बुद्धिजीवियों, पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के पारंपरिक स्वागत से हुआ, जिसमें पदाधिकारियों द्वारा सभी आगंतुकों को पुष्प गुच्छ प्रतीक चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष  सुरेश चंद्र अग्रवाल ने की, जबकि संचालन राजेश कौशिक एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रांतीय महामंत्री विनोद कुमार जैन ने कुशलतापूर्वक निभाया।
इस अवसर पर विषय प्रवर्तक के रूप में कोलकाता से पधारे डॉ. संजय हरलालका ने अपने उद्बोधन में “संस्कार और शुचिता” के महत्व को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भौतिकता के बढ़ते प्रभाव के कारण सामाजिक मूल्यों में गिरावट देखी जा रही है, ऐसे में संस्कारों का संरक्षण और शुचिता का पालन अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि परिवार ही संस्कारों की पहली पाठशाला होता है और यदि हम अपने बच्चों को सही दिशा देना चाहते हैं, तो हमें स्वयं आदर्श प्रस्तुत करना होगा।
प्रमुख वक्ता के रूप में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गोवर्धन गाड़ोदिया ने अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज की मजबूती उसके नैतिक मूल्यों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि “संस्कार” केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है, जो व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाती है। उन्होंने समाज में शुचिता बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं को इस दिशा में अग्रसर होने का आह्वान किया।
पूर्व सांसद श्री महेश पोद्दार ने अपने संबोधन में सामाजिक जिम्मेदारियों की चर्चा करते हुए कहा कि आज के दौर में व्यक्ति अपने व्यक्तिगत हितों में इतना उलझ गया है कि सामूहिक हितों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि शुचिता केवल बाहरी व्यवहार तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह हमारे विचारों, आचरण और निर्णयों में भी परिलक्षित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समाज में नैतिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जाए, तो अनेक सामाजिक समस्याओं का समाधान स्वतः हो सकता है।इस संगोष्ठी में अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पवन कुमार गोयनका ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज अपनी परंपराओं, संस्कारों और नैतिक मूल्यों के लिए सदैव जाना जाता रहा है, और इन मूल्यों को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस प्रकार के विचार-विमर्श को समय की आवश्यकता बताते हुए आयोजकों की सराहना की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री सुरेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि समाज को सशक्त बनाने के लिए संस्कारों की नींव को मजबूत करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी वक्ताओं के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि इस संगोष्ठी के माध्यम से जो संदेश समाज को मिला है, वह निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होगा।अंत में, कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। यह संगोष्ठी न केवल एक विचार-विमर्श का मंच बनी, बल्कि समाज को नई दिशा देने का भी कार्य किया, जिसमें संस्कार और शुचिता के महत्व को पुनः स्थापित करने का सार्थक प्रयास किया गया।
इस अवसर पर-ओम प्रकाश अग्रवाल, सज्जन पाड़िया, विनोद जैन, पवन पोद्दार, प्रमोद अग्रवाल, कौशल राजगढ़िया, अनिल अग्रवाल, सुभाष पटवारी, निर्मल बुधिया, किशन साबू, रमन बोडा, चंडी प्रसाद डालमिया, रवि शंकर शर्मा, विनोद महलका, अशोक नारसरिया, रतन बंका, अरुण भरतिया, प्रकाश बजाज, प्रमोद बगड़िया, राजेश भरतिया, ललित पोद्दार, अरुण जोशी, राजकुमार मित्तल, अजय डीडवानिया, विकास अग्रवाल कमल खेतावत, विजय कुमार खोवाल,भरत बगड़िया, किशन अग्रवाल,रौनक झुनझुनवाला, विनीता सिंघानिया, रीना सुरेखा, छाया अग्रवाल, सीमा पोद्दार, प्रीति फोगला, सहित बड़ी संख्या में सदस्य गण उपस्थित थे ।

Share. Facebook Twitter Email Threads Telegram WhatsApp Copy Link
जस्ट पोस्ट
  • Website

Related Posts

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री का जनता दरबार

May 11, 2026

बूढ़ा पहाड़ का दौरा करेंगी झारखंड की गृह सचिव, विकास योजनाओं को लेकर होगी बैठक

May 11, 2026

चुनाव तक चुप्पी, चुनाव बाद त्याग का उपदेश, मोदी सरकार की सच्चाई अब सामने है : विनोद पांडेय

May 11, 2026

टाटा स्टील के रिटायर कर्मचारी ने की पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या, फैली सनसनी

May 11, 2026

बंद दरवाजे के पीछे मौत की फैक्ट्री, जाम के नाम पर ज’हर

May 11, 2026

ओवरटेक के दौरान पलटा स्कूली वाहन, आधा दर्जन से अधिक बच्चों घायल

May 11, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री का जनता दरबार

May 11, 2026

बूढ़ा पहाड़ का दौरा करेंगी झारखंड की गृह सचिव, विकास योजनाओं को लेकर होगी बैठक

May 11, 2026

चुनाव तक चुप्पी, चुनाव बाद त्याग का उपदेश, मोदी सरकार की सच्चाई अब सामने है : विनोद पांडेय

May 11, 2026

टाटा स्टील के रिटायर कर्मचारी ने की पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या, फैली सनसनी

May 11, 2026

बंद दरवाजे के पीछे मौत की फैक्ट्री, जाम के नाम पर ज’हर

May 11, 2026
© 2026 Just Post. Designed by Launching Press.
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Terms and Conditions
  • AdSense Policy

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.