
हजारीबाग के संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण करने के उन्होंने संपूर्ण परिसर का अवलोकन किया और सजायाफ्ता किशोरों से संवाद स्थापित कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी लीउन्होंने किशोरों को दिए जाने वाले भोजन, किशोर न्याय बोर्ड हजारीबाग से संबंधित व्यवस्थाओं, पुस्तकालय, बच्चों से मुलाकात कर व्यवस्था की जानकारी,चिकित्सा कक्ष, परामर्श कक्ष, भोजनालय, हॉस्टल, शौचालय, बिजली व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया.
संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान माननीय न्यायाधीश के स्वागत में संप्रेक्षण गृह के किशोर कैदियों द्वारा योग और व्यायाम की प्रस्तुति दी गई, जिसे माननीय न्यायाधीश ने सराहते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया.

