अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण होरमुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति में बाधा हो रही है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता से लोग डर गए हैं. संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भविष्य की वृद्धि को लेकर लोगों में इस बात का डर बढ़ गया है, जिसके बाद झारखंड में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग में भारी उछाल आया है. ग्राहकों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल की तरफ बढ़ रहा है. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने नई कारों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 3.5% से बढ़कर 5.1% हो गई है.
यह बढ़ोतरी साफ संकेत देती है कि लोग अब फ्यूल की अनिश्चितता से बचना चाहते हैं. खासकर टू व्हीलर क्षेत्र में सर्वाधिक डिमांड देखी जा रही है. कस्टमर्स को लग रहा है कि फ्यूल की उपलब्धता और कीमतें एक मुद्दा बन सकती हैं. इलेक्ट्रिक कारों की मांग में पिछले महीने की तुलना में 20-30% तक का उछाल आया है, जिसका सीधा कारण पश्चिम एशिया में चल रहा संकट है.
भारत में रिटेल कीमतें अभी स्थिर हैं, लेकिन चुनाव के बाद या अंतरराष्ट्रीय कीमतों के दबाव में बढ़ोतरी की आशंका से ग्राहक पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय ईवी चुन रहे हैं. उनका रुझान टू व्हीलर और फोर व्हीलर दोनों पर देखा जा रहा सभी शोरूम में लंबा वेटिंग पीरियड देखा जा रहा है. भारी मांग के कारण कई लोकप्रिय ईवी मॉडलों पर वेटिंग पीरियड बढ़ गया है. 2026 में कुछ मॉडलों के लिए यह 05-12 सप्ताह या उससे भी अधिक तक पहुंच गया है. एथर इलेक्ट्रिक स्कूटी पूरी तरह से आउट ऑफ स्टॉक हो गई है. डिमांड इतना ज्यादा है कि सहजानंद चौक स्थित इधर शोरूम में एक भी मॉडल बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है.

यही हाल ओला, टीवीएस, विडा, बजाज चेतक, ओकीनावा, एमपेरे मोटर्स सहित अन्य मॉडलों की भी है. या तो इनके कुछ मॉडल ही शेष रह गए हैं, या फिर जल्द ही यहां भी वेटिंग का दबाव ग्राहकों को झेलना पड़ सकता है. टाटा के कुछ इलेक्ट्रिक मॉडल के लिए वेटिंग पीरियड 4 से 6 सप्ताह (लगभग 1-2 महीने) तक है. यही हाल महिंद्रा, एमजी सहित अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों की भी है.

तेजी से बढ़ रही ईवी की मांग
पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और उपलब्धता को लेकर चिंता के बीच, मार्च 2026 में इलेक्ट्रिक स्कूटी और कारों का रजिस्ट्रेशन 38% बढ़कर 2,490 यूनिट हो गया है.

गाड़ियों की इंक्वायरी भी बढ़ी
अब ज्यादा ग्राहक शोरूम में आते ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां को प्राथमिकता दे रहे हैं. जो लोग अभी तक दुविधा में थे, वे भी अब तेजी से इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ते दिख रहे हैं.

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