वाशिंगटन। अमेरिका में महंगी मेडिकल लागत, डॉक्टरों की लंबी वेटिंग लिस्ट, और सतही चिकित्सा सलाह से परेशान लोग एआई चैटबॉट्स का सहारा ले रहे हैं। सर्वे के अनुसार, अमेरिका में हर छह में से एक वयस्क और हर चार में से एक युवा (30 वर्ष से कम) महीने में कम से कम एक बार स्वास्थ्य जानकारी के लिए चैटबॉट्स का उपयोग कर रहा है।

लोग मानते हैं कि चैटबॉट्स डॉक्टरों की तुलना में अधिक विस्तार से और तुरंत जवाब देते हैं, जैसा कि लॉस एंजिलिस की 79 वर्षीय वेंडी गोल्डबर्ग के उदाहरण से स्पष्ट है, जिन्हें प्रोटीन की मात्रा पर डॉक्टर से सामान्य सलाह मिली, लेकिन चैटजीपीटी से विस्तृत जवाब मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि चैटबॉट्स द्वारा दी गई विस्तृत और आत्मविश्वासपूर्ण भाषा एक सटीकता का भ्रम पैदा करती है, जो सबसे बड़ा जोखिम है। एक अध्ययन में पाया गया कि एआई-जनित मेडिकल उत्तरों का एक बड़ा हिस्सा गलत या आधा-अधूरा था, जिससे मरीज गलत निर्णय ले सकते हैं।

डॉक्टरों का मानना है कि पेशेवर चिकित्सा मार्गदर्शन के बिना एआई का उपयोग बेहद खतरनाक हो सकता है। गलत दवा की सलाह, प्रोटीन की मात्रा या लक्षणों की गलत व्याख्या से मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का आरोप है कि एआई कंपनियां उपयोगकर्ताओं को इन जोखिमों के बारे में पर्याप्त चेतावनी नहीं देती हैं। चैटबॉट्स भले ही खुद को डॉक्टर न कहें, लेकिन उनकी आत्मविश्वासपूर्ण भाषा को लोग पेशेवर सलाह मान लेते हैं। एआई चैटबॉट्स भरोसेमंद और त्वरित जानकारी की कमी को पूरा कर रहे हैं, लेकिन यह चलन अनियंत्रित मेडिकल जोखिमों का कारण बन सकता है, खासकर तब जब एआई कंपनियां इन खतरों से लोगों को आगाह नहीं कर रही हैं।

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