रांची: झारखंड से छह सदस्य राज्यसभा में राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं और हर दो वर्ष पर दो सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाती है. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से राज्यसभा की एक सीट पहले से ही खाली है और भाजपा के राजसभा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल इस वर्ष जून महीने ने समाप्त हो रहा है. ऐसे में वर्ष 2026 में झारखंड से भी दो नए राज्यसभा सदस्यों के निर्वाचन के लिए चुनाव प्रक्रिया आने वाले महीनों में शुरू होगी. हालांकि अभी राज्यसभा चुनाव में कुछ महीनों की देरी है, लेकिन अभी से ही झारखंड कांग्रेस ने राज्यसभा की दो में से एक सीट पर अपनी दावेदारी जताना शुरू कर दिया है.


2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद इंडिया ब्लॉक के विधायकों की संख्या इतनी है कि वह अपने दोनों प्रत्याशी को जीत दिलाकर राज्यसभा भेज सकते हैं. लेकिन सवाल ये है कि क्या झामुमो एक सीट कांग्रेस के साथ शेयर करने को तैयार हो जाएगा? या फिर दोनों सीट पर झामुमो का उम्मीदवार ही जीतकर राज्यसभा जाएंगे.
झारखंड विधानसभा में इंडिया ब्लॉक के कुल 56 विधायक

अगर विधायकों की संख्या बल की बात करें तो 81 सदस्यीय विधानसभा में झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के 04 और सीपीआई माले के 02 विधायक इंडिया ब्लॉक के हिस्सा हैं. ऐसे में राज्यसभा के उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के वोट से जीत दिलाने के लिए जरूरी 27 प्लस वन की संख्या बल इंडिया ब्लॉक के पास है.

मामला यहां आकर फंसता है कि क्या 34 विधायक वाली पार्टी झामुमो 16 विधायक वाली पार्टी कांग्रेस के साथ राज्यसभा की एक-एक सीट शेयर करेगी या उसकी इच्छा अकेले 02 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर उसे राज्यसभा भेजने की है. अगर ऐसा होता है तो क्या इसका साइड इफेक्ट झारखंड की राजनीति पर पड़ेगा. क्योंकि राज्य में NDA के विधायकों की कुल संख्या 24(BJP 21,LJP (R)-01,JDU-01, आजसू पार्टी-01) ही है. ऐसे में जब NDA की ताकत एक उम्मीदवार को भी राज्यसभा भेजने की नहीं है

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