Close Menu
Just PostJust Post
  • आज की बड़ी खबरें
  • झारखंड
  • बिहार
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Facebook X (Twitter) Instagram
Just PostJust Post
Facebook X (Twitter) Instagram WhatsApp
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Just PostJust Post
  • आज की बड़ी खबरें
  • झारखंड
  • बिहार
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Home»Uncategorized»एक ही दल के सांसद-विधायक आमने-सामने, खेल के मैदान में खुलकर सामने आया ‘शीत युद्ध’
Uncategorized

एक ही दल के सांसद-विधायक आमने-सामने, खेल के मैदान में खुलकर सामने आया ‘शीत युद्ध’

जस्ट पोस्टBy जस्ट पोस्टMay 22, 2026No Comments4 Mins Read0 Views
Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Threads Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Threads Telegram WhatsApp Copy Link


हजारीबाग की राजनीति में लंबे समय से सुलग रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सतह पर आ गई है. शहर का ऐतिहासिक वेल्स ग्राउंड, जिसे अब संजय सिंह क्रिकेट स्टेडियम के नाम से जाना जाता है, खेल गतिविधियों से ज्यादा राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है. एक ही राजनीतिक दल से जुड़े सांसद मनीष जायसवाल और विधायक प्रदीप प्रसाद के बीच चल रहा शीत युद्ध अब सार्वजनिक संघर्ष का रूप ले चुका है. यह पहली बार है जब हजारीबाग की राजनीति में एक ही संगठन के दो बड़े चेहरे इतने खुलकर आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं. मामला सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खेल के मैदान तक पहुंच गया, जिससे खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और आम नागरिकों में चिंता बढ़ गई है.


खेल का मैदान या राजनीति का अखाड़ा?
जिस मैदान ने वर्षों तक क्रिकेट, एथलेटिक्स और युवा प्रतिभाओं को मंच दिया, वही मैदान अब राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन की चर्चा में है. स्थानीय लोगों का कहना है कि खेल का स्थान हमेशा निष्पक्षता, अनुशासन, एकता और भाईचारे का प्रतीक रहा है. यहां खिलाड़ियों की मेहनत, युवाओं के सपने और खेल भावना सर्वोपरि होनी चाहिए, न कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई.

लोगों का मानना है कि यदि खेल परिसरों में राजनीतिक टकराव और आरोप-प्रत्यारोप हावी होंगे तो इसका सीधा असर खिलाड़ियों के मनोबल पर पड़ेगा. युवा वर्ग पहले ही बेरोजगारी, संसाधनों की कमी और अवसरों के अभाव से जूझ रहा है, ऐसे में खेल को भी राजनीति की आग में झोंकना उचित नहीं माना जा रहा.

शीत युद्ध अब खुली लड़ाई में तब्दील
हजारीबाग की राजनीतिक गलियों में सांसद और विधायक के बीच मतभेद की चर्चा लंबे समय से होती रही है. कई कार्यक्रमों में दूरी, मंचों पर अलग-अलग संदेश और समर्थकों के बीच बयानबाजी पहले भी देखने को मिली थी. लेकिन इस बार मामला अलग है. वेल्स ग्राउंड में हुई हालिया घटनाओं और उसके बाद सामने आए राजनीतिक तेवरों ने यह साफ संकेत दे दिया कि दोनों नेताओं के बीच की खाई अब काफी गहरी हो चुकी है. राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे हजारीबाग बीजेपी की अंदरूनी सत्ता संघर्ष के रूप में देख रहे हैं.

जनता पूछ रही विकास कब होगा?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल आम जनता उठा रही है. लोग पूछ रहे हैं कि आखिर सड़क, बिजली, पानी, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मूल मुद्दों पर राजनीति कब होगी? भीषण गर्मी, बिजली संकट, पानी की समस्या और बदहाल व्यवस्था से जूझ रहे हजारीबाग में जनता विकास की उम्मीद कर रही है. लेकिन राजनीतिक लड़ाई का केंद्र अब व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और शक्ति प्रदर्शन बनता जा रहा है. शहर के कई बुद्धिजीवियों और खेल प्रेमियों ने अपील की है कि जनप्रतिनिधियों को व्यक्तिगत टकराव छोड़कर विकास और खेल संरचना को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए.

खिलाड़ियों पर पड़ सकता है नकारात्मक असर
स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों का कहना है कि मैदान को विवादों से दूर रखा जाना चाहिए. यदि खेल परिसर राजनीतिक विवादों का मंच बनेंगे तो युवा खिलाड़ियों के भीतर गलत संदेश जाएगा. खेल समाज को जोड़ने का माध्यम है, तोड़ने का नहीं. जाति, धर्म, अहंकार और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से ऊपर उठकर खेल भावना को बचाना समय की मांग है.

“अब बस करें और हजारीबाग को आगे बढ़ाएं”
शहर के सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों की ओर से दोनों जनप्रतिनिधियों से संयम बरतने की अपील की जा रही है. लोगों का कहना है कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों और खेल परिसरों को टकराव का केंद्र बनाना उचित नहीं. जनता चाहती है कि सांसद और विधायक दोनों अपनी ऊर्जा विकास कार्यों में लगाएं, ताकि हजारीबाग खेल, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में नई पहचान बना सके.

अब सबकी नजर अगले कदम पर
वेल्स ग्राउंड से शुरू हुआ यह राजनीतिक तूफान अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है. राजनीतिक हलकों से लेकर चाय दुकानों तक सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है. क्या यह टकराव और बढ़ेगा या फिर पार्टी नेतृत्व बीच का रास्ता निकालेगा?

फिलहाल इतना तय है कि हजारीबाग की राजनीति ने एक नया मोड़ ले लिया है, और आने वाले दिनों में इसका असर जिले की राजनीतिक दिशा पर साफ दिखाई दे सकता है.

Share. Facebook Twitter Email Threads Telegram WhatsApp Copy Link
जस्ट पोस्ट
  • Website

Related Posts

मोदी सरकार के 12 साल उपलब्धियां नहीं 24 गबनों का कार्यकाल रहा : सुप्रियो भट्टाचार्य

June 29, 2026

राम और हनुमान का चरित्र त्याग, भक्ति और आदर्श का शिखर: मुनि श्री सुयश सागर जी

June 29, 2026

दिल्ली में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुई मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

June 29, 2026

खनन संविदाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन

June 29, 2026

बुढ़मू में महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

June 29, 2026

मानव अधिकार और समावेशी विकास पर राष्ट्रीय मंथन: ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना से ही बनेगा समृद्ध भारत: न्यायमूर्ति विद्युत रंजन सारंगी

June 29, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

मोदी सरकार के 12 साल उपलब्धियां नहीं 24 गबनों का कार्यकाल रहा : सुप्रियो भट्टाचार्य

June 29, 2026

राम और हनुमान का चरित्र त्याग, भक्ति और आदर्श का शिखर: मुनि श्री सुयश सागर जी

June 29, 2026

दिल्ली में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुई मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

June 29, 2026

खनन संविदाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन

June 29, 2026

बुढ़मू में महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

June 29, 2026
© 2026 Just Post. Designed by Launching Press.
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Terms and Conditions
  • AdSense Policy

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.