
रांची: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती के मौके पर रविवार को खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के 5000 से अधिक विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10वीं से 12वीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना समेत राज्य सरकार की विभिन्न शिक्षा आधारित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया.
कई जिलों से पहुंचे छात्र
कार्यक्रम में रांची जिले के करीब 4000 खूंटी के 500 और रामगढ़ के 500 विद्यार्थी शामिल हुए. सुबह 11 बजे तक शिक्षक और विद्यार्थी टाना भगत स्टेडियम में उपस्थित हो गए थे. आयोजन के दौरान कुछ चयनित विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किया गया, जिससे योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का संदेश गया.गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना
संवाद कार्यक्रम के दौरान गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लाभुक विद्यार्थियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की. छात्रों ने कहा कि यह योजना, गरीब और आदिवासी बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है. विद्यार्थियों के अनुसार, इस क्रेडिट कार्ड योजना से उन्हें पढ़ाई के लिए जरूरी आर्थिक सहयोग मिल रहा है, जिससे परिवार पर बोझ कम हुआ है और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं. कई छात्रों ने बताया कि इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में विद्यार्थी ले रहे हैं, जिससे यह झारखंड के छात्रों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है.शिक्षा के रास्ते में आर्थिक बाधाएं अब आड़े नहीं आएंगी. राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि गरीब, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के बच्चे भी बिना चिंता के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने हमेशा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उनकी जयंती पर विद्यार्थियों से संवाद करना उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रतीक है: हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री
फेलोशिप योजना शोधार्थियों के लिए काफी उपयोगी
कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ-साथ शोध को भी बढ़ावा दे रही है. विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे और सीएम फेलोशिप योजना का लाभ ले रहे विद्यार्थियों ने कहा कि फेलोशिप योजना, शोधार्थियों के लिए काफी उपयोगी है. पीएचडी कर रहे छात्रों ने इसे बेहतर और समयानुकूल योजना बताते हुए कहा कि इससे उन्हें शोध कार्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल रही है. वही छात्रों का कहना था कि फेलोशिप मिलने से आर्थिक चिंताएं कम हुई हैं और वे गुणवत्तापूर्ण शोध कर पा रहे हैं.

